अलीगढ मीडिया डिजिटल, गौतमबुद्धनगर| जनपद के बिसरख थाना इलाके में संचालित एक भाजपा नेता की इलेक्ट्रॉनिक दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी sokudo electic india पर ग्राहक के साथ धोखाधड़ी ठगी, उसके साथ अभद्रता और मारपीट करने का संगीन आरोप लगा है| अलीगढ के रहने वाले एक युवक ने कंपनी के सेल्स कर्मचारियों पर झूठी जानकारी के आधार पर गलत तरीके से सोकूडो पेस मॉडल का स्कूटर बेचा| ग्राहक को कई बार मांगे जाने पर बिल दिया| लेकिन कंपनी के सेल्स कर्मचारी तीन महीने बीत जाने के बाद भी खरीदी गयी इलेक्ट्रॉनिक स्कूटर का आरसी, वॉरंटिकार्ड और सर्विस बुक जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं दे रहे है| युवक का आरोप है कि जब वह खरीदे गए स्कूटर की सर्विस कराने गए तो कागजात मांगने पर उनका स्कूटर ही जबरन सर्विस सेंटर कर्मियों ने रख लिया| मामले में पीड़ित युवक ने थाना विसरख पुलिस को लिखित शिकायती पत्र दिया लेकिन पुलिस ने एक महीने बीतने के बाद भी कोई मुक़दमा दर्ज नहीं किया है|
आपको बताते चले कि गौतमबुद्ध नगर जिले के गांव बिसरख ग्रेटर नोयडा में इलेक्ट्रॉनिक दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी sokudo electric इंडिया का मुख्य कार्यालय और बिक्री केंद्र है| इसी जगह से अलीगढ के रहने वाले गजेंद्र कुमार ने दिनांक 7अक्टूबर 2025 को एक सोडुको पेस मॉडल का स्कूटर खरीदा| आरोप है कि स्कूटर खरीदते समय कंपनी के सेल्स प्रतिनिधि ने उन्हें इस वाहन की खरीद पर 12 हजार रुपये की सरकारी सब्सिडी का लाभ दिलाये जाने का भरोसा दिया था| और वारंटी , फ्री सर्विस जैसी लुभावने लाभ बताये गए| लेकिन जब उन्होंने वहां खरीदने के लिए अपने दस्तावेज दे दिए तो उन्होंने बताई गयी कीमत से ज्यादा की लोन उन्हें बिना जानकारी के अप्रूव करावा ली| कीमत से ज्यादा लोन अप्लाई कराने की शिकायत कंपनी के सेल्स प्रतिनिधि से की तो उन्होंने रजिस्ट्रेशन , बीमा, हेलमेट और अन्य बेबुनियादी खर्चे जोड़कर रकम को रही बता दिया| गजेंद्र सिंह का आरोप है कि उन्होंने कंपनी से इसके बिल मांगे तो महज कुछ बिल ही दिए शेष का हिसाब भी नहीं दिया| और अभी पांच महीने बीतने के बाबजूद भी उन्हें वाहन की रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, वारंटी कार्ड और अन्य कोई जरूरी दस्तावेज नहीं दिए गए है|
जिसकी शिकायत उन्होंने थाना पुलिस से भी लिखित रूप में करके मदद की गुहार लगायी लेकिन चूंकि कंपनी संचालक भाजपा नेता है इसलिए पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की| उन्होंने इसकी शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर भी दर्ज कराई है लेकिन पुलिस शिकायत करने के एक माह बाद भी उन्हें उनका स्कूटर नहीं दिलवा पायी है| वही मामले पर कंपनी के एडमिन एन्ड रजिस्ट्रेशन विभाग के कैलाश शर्मा से उनके मोबाइल फोन पर बातचीच से बातचीत की गयी तो उन्होंने बताया कि आरसी ऑनलाइन दिख रही है, वह कंपनी के कर्मचारी है| ज्यादा बाद आप कंपनी के मालिक से बात करिये| और फोन काट दिया| फिलहाल देखना होगा कि योगी पुलिस भाजपा से जुड़े दुपहिया वहां निर्माता कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई करती भी है या नहीं|


