अलीगढ़ में 5 साल से ज्यादा एक ही जगह कुंडली माऱ बैठे हैं डॉक्टर, विभागीय ट्रांसफर नीति की खुलेआम धज्जियाँ!

Aligarh Media Desk


अलीगढ़ जिले के जवां ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉ अंकित सिंह जादौन पिछले पांच साल से ज्यादा समय से MOIC पद पर कुंडली मारकर बैठे हैं

अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़| उत्तर प्रदेश में डॉक्टरों के लिए हाल ही में जारी की गयी नई स्थानांतरण नीति का जनपद में खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा हैं| नयी तबादला नीति के तहत जिले में तीन और मंडल में पांच वर्ष पूरे करने वाले डॉक्टरों का तबादला होगा होना चाहिए, बाबजूद इसके अलीगढ़ जनपद के कई विकास खंडो पर बतौर MOIC और चिकित्सा अधीक्षक पद पर कई सालों से कुंडली माऱकर बैठे हैं| पांच साल से ज्यादा एक ही जगह पर तैनात चिकित्सा अधीक्षक जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के गुणवत्ता को पलीता लगा रहे हैं बल्कि मनमाने तरीके से अधीनस्थ कर्मचारियों, और टीकारणकर्मी ANM का उत्पीड़न कर रहे हैं| 


नयी तबादला नीति में प्राविधान हैं कि जिले में तीन व मंडल में पांच वर्ष पूरे करने वाले सभी डॉक्टरों का तबादला होगा। सिर्फ उन क्लीनिकल डॉक्टरों को छूट रहेगी जो डॉक्टर प्रशासनिक पदों (जैसे CMO, CMS, MOIC) पर नहीं हैं और केवल अस्पतालों में मरीजों का इलाज (Consultant/Clinician) कर रहे हैं, उन पर यह 3 वर्ष की अनिवार्य ट्रांसफर नीति सख्ती से लागू नहीं होती है ताकि स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।

लेकिन अलीगढ़ जनपद के टप्पल, जवां ब्लॉक में चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के डॉक्टरों की इस स्थानांतरण नीति की खुलेआम धज्जिया उड़ाई जा रही है| अलीगढ़ जिले के जवां ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉ अंकित सिंह जादौन पिछले पांच साल से ज्यादा समय से MOIC पद पर कुंडली मारकर बैठे हैं| किसी भी CMO की यह हिम्मत नहीं कि राजनीतिक रसूक के बल पर MOIc की कुर्सी पर कुंडली मारकर बैठे डॉ अंकित सिंह का दबादला कर सके | कुछ यही हाल टप्पल ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी हैं यहाँ के MOIc भी अपनी कुर्सी छोड़ना नहीं चाहते| 


हालांकि नयी तबादला नीति के मुताबिक जिलों में मुख्य चिकित्साधिकारियों के अधीन तैनात अधीक्षक, एमओआईसी अगर तीन वर्ष पूरे कर चुके हैं तो सक्षम अधिकारी स्थानांतरण उसी जिले में करेंगे। दो वर्ष की सेवा के बाद कार्मिकों से विकल्प प्राप्त कर उनका स्थानांतरण कर दिया जाएगा। लिपिकीय एवं नर्सिंग स्टाफ को गंभीर बीमारी की स्थिति में दस वर्ष में स्थानांतरण की बाध्यता से छूट मिलेगी।