अलीगढ मीडिया डिजिटल, दिल्ली| देश की तानाशाह सरकार को पहली बार युवाओं ने हिलाकर रख दिया| मोदी सरकार के गुस्से और उसके तानाशाह रवैया से सृजित हुई कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में युवाओं के द्वारा जंतर-मंतर पर पेपर लीक मुद्दे को किये गये विरोध प्रदर्शन में युवाओं को बड़ी ऐतिहासिक जीत मिली हैं| पूरे प्रकरण के लिए जिम्मेदार माने जा रहे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा लेकर है प्रदर्शनकारी छात्र माने, और अन्य दूसरी प्रमुख मांगो पर सरकार द्वारा माने जाने के आश्वासन पर शनिवार को धरना प्रदर्शन समाप्त करने का ऐलान कर दिया गया|
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए आज दिल्ली मेट्रो की यात्रा मुफ्त !
दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के बाद बंद किए गए राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय समेत सभी 17 मेट्रो स्टेशन फिर से खोल दिए गए हैं।
सभी स्टेशनों पर मेट्रो सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, आंदोलन खत्म होने के एलान के बीच सरकार ने घर वापस जाने की सोच रहे छात्रों की सुविधा के लिए आज मेट्रो यात्रा भी मुफ्त कर दी है।
जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि सरकार द्वारा सभी मांगें मान लिए जाने के बाद अब वे मेट्रो के जरिए शांतिपूर्वक अपने-अपने गंतव्य लौट जाएं।
रो पड़े अभिजीत दीपके के माता पिता!
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की सूचना मिलने के बाद जब पत्रकार अभिजीत दीपके के माँ पिता के आवास पर उनकी प्रतिक्रिया जानने गए तो दोनों रो पड़े।
ये आँसू बेटे की जीत की ख़ुशी के थे या बेटे की सेहत सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता के कारण थे, ये तो नहीं यहाँ समझा जा सकता लेकिन इस आँसू को हर वो माँ पिता समझ सकता है जिसे किसी मुद्दे किसी आंदोलन की बजाय अपने बेटे की ज़िंदगी की सलामती की ज़्यादा फिक्र रहती है। अभिजीत दीपके हीरो हैं। भले वो कहें कि मुझे हीरो न बनाना।
बाबा साहेब की परंपरा के सच्चे वारिस। उच्च शिक्षित और एक्टिविस्ट अभिजीत को ये देश अब बड़ी उम्मीद से देख रहा है। प्रधानमंत्री पद पर अब ऐसे ही युवा और जमीनी नेताओं को मैं देखना चाहता हूँ जो बदलते वक़्त की नब्ज़ समझते हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा राहुल गांधी व युवा शक्ति के दबाव का नतीजा, लड़ाई अभी जारी रहेगी: विवेक बंसल.....
अलीगढ़। पूर्व कांग्रेस विधायक विवेक बंसल ने आज एक बयान जारी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश की युवा शक्ति की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह इस्तीफा युवाओं के अभूतपूर्व जुझारूपन और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस पार्टी द्वारा बनाए गए चौतरफा राजनैतिक दबाव के फलस्वरूप हुआ है।
उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक के पहले दिन से ही नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक छात्रों को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं, और देश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार होने तक उनका यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
विवेक बंसल ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल एक इस्तीफे पर खत्म नहीं होने वाली है। उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार निम्नलिखित मांगों को पूरा नहीं करती:
निर्दोष छात्र-छात्राओं के ऊपर किए गए कथित वहशियाना हमलों, लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्र-छात्राओं के विरुद्ध दर्ज किए गए सभी राजनैतिक व कानूनी मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं।
NEET पेपर लीक के मानसिक तनाव व हताशा के कारण आत्महत्या करने वाले देश के होनहार छात्र-छात्राओं के पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
देश की पूरी परीक्षा और शिक्षा प्रणाली को जब तक पूरी तरह पारदर्शी और दोषमुक्त नहीं बना दिया जाता, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं।
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