अलीगढ मीडिया डिजिटल ,अलीगढ: जनपद के बेगमबाग स्थित 'आरके पब्लिक स्कूल' द्वारा व्यावसायिक लाभ कमाने के उद्देश्य से कक्षा में अध्ययनरत एक 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा 'यशोदा' (नाम परिवर्तित) का अत्यंत गोपनीय व्यक्तिगत डेटा (नाम, फोन नंबर, पता) उनकी बिना किसी विधिक सहमति के 'बजाज कंपनी' (Bajaj) को बेच दिया गया है। इस गंभीर विश्वासघात और अवैध कृत्य के कारण 13 वर्षीय मासूम छात्रा गहरे मानसिक अवसाद (Severe Mental Trauma) में चली गई है, जो सीधे तौर पर बाल अधिकारों का संज्ञेय हनन है।
संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा के संस्थापक जितेंद्र शर्मा ने जिला प्रशासन (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP Aligarh) को चेतावनी देते हुए निम्नलिखित कठोर विधिक प्रावधानों के तहत जवाबदेही तय की है:DPDP अधिनियम के तहत ₹250 करोड़ का जुर्माना: भारत के नए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act) के अनुसार, माता-पिता की बिना सत्यापित विधिक सहमति के किसी भी बच्चे का व्यक्तिगत डेटा व्यावसायिक लाभ के लिए प्रोसेस या बेचना गंभीर अपराध है।
इस कानून के तहत बच्चों के डेटा सुरक्षा उल्लंघन के लिए बजाज कंपनी और स्कूल पर ₹250 करोड़ तक के भारी विधिक जुर्माने का प्रावधान है।पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) की धारा 21 का उल्लंघन: नाबालिग बच्ची को गंभीर मानसिक आघात पहुँचाने के कारण यह मामला सीधे पॉक्सो के सुरक्षा सिद्धांतों को आकर्षित करता है। सोशल मीडिया (X) पर दो बार डिजिटल पावती देने के बावजूद अलीगढ़ पुलिस द्वारा 140+ घंटे से प्राथमिकी (FIR) दर्ज न करना पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के तहत स्वयं पुलिस अधिकारियों द्वारा किया गया अपराध है, जिसमें लोक सेवक को 6 महीने से 1 वर्ष तक के कारावास का सख्त प्रावधान है।ललिता कुमारी गाइडलाइंस की अवहेलना: सर्वोच्च न्यायालय के 'ललिता कुमारी बनाम यूपी सरकार' ऐतिहासिक संवैधानिक आदेश के तहत नाबालिग बच्ची से जुड़े संज्ञेय अपराध में पुलिस को बिना किसी प्रारंभिक जांच के तत्काल एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। इतनी लंबी देरी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 198 के तहत अदालती अवमानना का पुख्ता आधार है, जिससे महत्वपूर्ण फॉरेंसिक साक्ष्य नष्ट होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा की विधिक मांगें:
मांग 1: अलीगढ़ पुलिस तुरंत आरके पब्लिक स्कूल प्रबंधन और बजाज कंपनी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, DPDP Act और IT Act की सुसंगत धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज कर 'मुकदमा अपराध संख्या' (Crime Number) ऑनलाइन जारी करे।
मांग 2: जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS अलीगढ़) मासूम बच्चों का डेटा बेचने वाले आरके पब्लिक स्कूल की मान्यता रद्द करने की विधिक प्रक्रिया तुरंत शुरू करे।मोर्चा के संस्थापक जितेंद्र शर्मा ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा विधिक मुकदमा संख्या ऑनलाइन साझा नहीं की गई, तो संयुक्त श्रमिक किसान मोर्चा सड़कों पर उग्र जन-आंदोलन शुरू करेगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के समक्ष औपचारिक विधिक शिकायत दर्ज कराते हुए माननीय मजिस्ट्रेट न्यायालय के समक्ष धारा 175(3) BNSS के तहत पुलिस को मुकदमा दर्ज करने हेतु विधिक रूप से बाध्य करने की कार्रवाई की जाएगी [NCPCR]।

