एमएसएमई प्रदेश में सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला विभाग, योजनाओं का लाभ प्रत्येक युवा तक पहुंचे

Aligarh Media Desk




  • एमएसएमई देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ ही बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का सबसे प्रभावी माध्यम
  • अधिक से अधिक युवा एमएसएमई की योजनाओं से उद्यम स्थापित कर रोजगार के नए अवसर करें सृजित
  • -मा0 मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी


अलीगढ मीडिया डिजिटल ,अलीगढ: मा0 मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और निर्यात प्रोत्साहन, उत्तर प्रदेश शासन श्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक शिक्षित युवा इनका लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन सकें।


बैठक को संबोधित करते हुए मा0 मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि देश के विकास की यात्रा परंपरागत रूप से खेत-खलिहानों से होकर गुजरती रही है, लेकिन वर्तमान समय में आर्थिक प्रगति के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। ऐसे में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन सभी को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना संभव नहीं है। इसलिए युवाओं को स्वरोजगार, कुटीर उद्योगों और उद्यमिता की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है।


उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा है कि प्रत्येक शिक्षित एवं इच्छुक युवा को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों और वह स्वयं उद्यम स्थापित कर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का सृजन करे। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार एमएसएमई क्षेत्र को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है।


मा0 मंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए सभी उपलब्ध माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाए। ग्राम पंचायतों, विकास खंडों, तहसील दिवसों, जनचौपालों, उद्योग संबंधी बैठकों और अन्य जनसंपर्क कार्यक्रमों में भी एमएसएमई योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने कहा कि अभी भी अनेक पात्र लाभार्थियों को योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं है, जबकि प्रदेश के समग्र विकास और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आवश्यक है कि अधिक से अधिक युवा इन योजनाओं से जुड़कर उद्यम स्थापित करें और रोजगार के नए अवसर सृजित करें।


          सर्किट हाउस में आयोजित मण्डलीय समीक्षा बैठक में संयुक्त निदेशक उद्योग अंजु रानी ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में मंडल में 947.75 लाख का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके सापेक्ष विभिन्न बैंकों को 409 आवेदन पत्र भेजे गए, 92 स्वीकृत और 66 पर ऋण वितरण किया गया है। ओडीओपी वित्त पोषण योजना में 992 लाख मार्जिन मनी का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 124 आवेदन पत्र बैंकों को प्रेषित किए गए विभिन्न बैंकों द्वारा 37 पर स्वीकृति और 31 पर ऋण वितरण की कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान योजना में मंडल भर में भौतिक लक्ष्य 7200 के सापेक्ष 5751 आवेदन पत्रों का प्रेषण किया गया, जिस पर विभिन्न बैंकों द्वारा 1298 पर स्वीकृति और 1162 पर ऋण वितरण किया गया। ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूल किट वितरण के संबंध में अंजू रानी ने बताया कि 1450 के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष चारों जिलों में लाभार्थी चयन की कार्यवाही गतिमान है।


उन्होंने बताया कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में 3575 का लक्ष्य दिया गया है जिलों में साक्षात्कार प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। योजना के अंतर्गत लोहार, नाई एवं हलवाई एवं दर्जी ट्रेडों में प्रशिक्षणार्थियों के चयन की कार्रवाई की जा रही है।