अलीगढ मीडिया डिजिटल, न्यूज़ डेस्क| सोशल मीडिया पर इन दिनों ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक बर्थ को हनीमून सुइट की तरह सजाया गया है। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या सुहागरात मनाने के लिए ट्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है? वीडियो को अब तक लाखों लोग देख चुके हैं और तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। अब इस घटना पर रेलवे का भी रिएक्शन आया है।
वायरल वीडियो एक ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच का है। इसमें कैमरा बाहर से अंदर की ओर जाता है। अंदर बर्थ को फूलों से इस तरह से सजाया गया है, जैसे हनीमून मनाया जाने वाला है। पूरी बर्थ में गुब्बारे, फूल और गुलदस्ते लगे हुए हैं। सीट पर गुलाब की पंखुड़िया हैं और उससे दिल बना हुआ है। बीच में कुछ दीपक भी जल रहे हैं। इस वीडियो को अब तक पांच लाख से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं।
डॉ. निमो यादव नामक एक एक्स हैंडल ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि हेल्लो अश्विनी वैष्णव, क्या भारतीय रेलवे यात्रियों को फर्स्ट एसी कोच सुहागरात मनाने के लिए देती है? वीडियो के करीब 500 रिपोस्ट हो चुके हैं। साढ़े तीन सौ से ज्यादा यूजर्स ने कमेंट किया है। एक यूजर ने लिखा है कि अगर वो खुश हैं तो खुश रहने दो, कम से कम कोई किसी को मार तो नहीं रहा।
एक यूजर ने लिखा कि सवाल ये है कि इतनी भी क्या जल्दी है इनको, घर जाकर कर लो। एक ने लिखा कि लोगों को सीट नहीं मिल रही है और इस भाई साहब ने सुहागरात का जुगाड़ कर लिया वो भी ट्रेन में। इसके अलावा भी, वीडियो के कई शेयर और लाइक हो चुके हैं। मामला वायरल होने पर रेलवे का भी रिएक्शन आया है। रेल विभाग के सूत्रों के हवाले से बताया है कि नियम यह हैं कि 1 एसी के केबिन में यात्रियों को पूरी तरह से प्राइवेसी मिलती है। चूंकि, इस कोच में पूरा केबिन यात्री के लिए रिजर्व रहता है तो वह अपनी तरह से यात्रा कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, कोई यात्री अपने केबिन को सजाता है तो रेलवे इसमें कुछ नहीं करता। उसकी भूमिका इसमें नहीं रहती है। रेलवे इसे किसी भी तरह के नियम का उल्लंघन नहीं मानता है। यह यात्री के विवेक पर ही है।

