सपा विधायक के चाचा ने सर्किट हाउस में नमाज पढ़ी, FIR दर्ज - मुरादाबाद में वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा

Aligarh Media Desk

अलीगढ मीडिया डिजिटल, मुरादाबाद| सर्किट हाउस के अंदर नमाज पढ़ने का एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामला मुरादाबाद सर्किट हाउस का है। जानकारी के अनुसार, बिलारी से समाजवादी पार्टी के विधायक मोहम्मद फहीम इरफान के चाचा और पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मुहम्मद उस्मान सर्किट हाउस परिसर में ठहरे हुए थे। इसी दौरान उन्होंने सर्किट हाउस के अंदर ही नमाज अदा की।


बताया जा रहा है कि उसी समय वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होते ही यह मामला सुर्खियों में आ गया।

गौरतलब है कि उसी दिन नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद लाल बिहारी यादव भी मुरादाबाद प्रवास पर थे और गुरुवार को सर्किट हाउस में ही ठहरे थे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर बिलारी और कुंदरकी में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें की थीं। मुहम्मद उस्मान भी उन्हीं के साथ सर्किट हाउस में मौजूद थे।


हिंदू संगठनों की आपत्ति और प्रशासन की प्रतिक्रिया

वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष रोहन सक्सेना ने इस प्रकरण को सरकारी भवन के नियमों का उल्लंघन बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। संगठनों का कहना था कि सर्किट हाउस एक सरकारी विश्राम गृह है, जो वीवीआईपी और सरकारी अधिकारियों के ठहरने के लिए है, और वहां इस तरह सार्वजनिक रूप से धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं है।

मामले के तूल पकड़ने के बाद मुरादाबाद प्रशासन भी हरकत में आया। एडीएम प्रशासन ने बयान दिया कि मामले का संज्ञान लिया गया है और नियमानुसार एक्शन लिया जाएगा। सर्किट हाउस जैसे सरकारी भवन में बिना अनुमति के इस तरह की गतिविधि नियमों के विरुद्ध है।

FIR दर्ज, क्या है धारा?

विवाद बढ़ने के बाद देर रात सर्किट हाउस प्रभारी अवर अभियंता अनिल कुमार की तहरीर पर मझोला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

पुलिस ने आरोपी मुहम्मद उस्मान के विरुद्ध सार्वजनिक स्थान पर अवरोध उत्पन्न करने और सरकारी भवन के नियमों के उल्लंघन से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी लिखी है। पुलिस के अनुसार यह एक जमानती धारा है, जिसमें 500 रुपये तक जुर्माना और अधिकतम एक महीने की सजा का प्रावधान है।

मझोला थाना प्रभारी ने बताया कि वीडियो के आधार पर और सर्किट हाउस प्रभारी की शिकायत पर जांच शुरू कर दी गई है।


सर्किट हाउस के नियम क्या कहते हैं?

उत्तर प्रदेश में सर्किट हाउस लोक निर्माण विभाग के अधीन आते हैं। इनका उपयोग मुख्य रूप से मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, उच्च न्यायिक अधिकारी और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अल्पकालिक प्रवास के लिए होता है।

नियमों के अनुसार, सर्किट हाउस के कमरों के अंदर व्यक्तिगत पूजा-पाठ या इबादत को लेकर कोई सीधी रोक नहीं है, लेकिन परिसर के सार्वजनिक हिस्से, लॉन, कॉरिडोर या कॉन्फ्रेंस हॉल में बिना अनुमति धार्मिक आयोजन करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। वीडियो में नमाज सर्किट हाउस के अंदर के हिस्से में पढ़ी जा रही है, जिसे प्रशासन ने सार्वजनिक स्थान पर अवरोध के रूप में दर्ज किया है।


राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस घटना के बाद सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं भाजपा और हिंदू संगठनों ने इसे तुष्टिकरण से जोड़ते हुए निशाना साधा है। दूसरी ओर, कुछ लोगों का कहना है कि यदि कमरे के अंदर निजी तौर पर नमाज पढ़ी गई तो इसे इतना बड़ा मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए, लेकिन सरकारी भवन में वीडियो बनाकर वायरल करना भी नियमों के खिलाफ है।

फिलहाल पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में सर्किट हाउस में इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए जाएंगे।