अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़| मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। हरदुआगंज थाना क्षेत्र के नगला मीरपुर में चल रही एक मसाला फैक्ट्री पर FSDA की टीम ने छापा मारकर करीब 4 क्विंटल मिलावटी मसाले बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
त्योहारों से पहले मिलावटी सामान की बिक्री बढ़ जाती है, इसी को देखते हुए FSDA लगातार अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में मिली गुप्त सूचना पर यह छापेमारी की गई।
फैक्ट्री से क्या-क्या बरामद हुआ?
FSDA टीम को मौके पर भारी मात्रा में तैयार मिलावटी मसाला मिला। विभाग के अधिकारियों ने तुरंत पूरे स्टॉक को सीज कर दिया। बरामद मसालों का विवरण इस प्रकार है:
155 किलो मिलावटी धनिया पाउडर
153 किलो मिलावटी हल्दी पाउडर
102 किलो मिलावटी मिर्च पाउडर
कुल मिलाकर लगभग 410 किलो यानी करीब 4 क्विंटल मसाला सीज किया गया है, जिसकी बाजार कीमत करीब 89,700 रुपये बताई जा रही है। मौके पर मौजूद मसालों में रंग और मिलावट की आशंका के चलते मिर्च, हल्दी और धनिया तीनों के सैंपल लिए गए हैं।
कैसे हुई कार्रवाई?
जानकारी के मुताबिक FSDA को नगला मीरपुर में बिना लाइसेंस और बिना मानकों के मसाला तैयार करने की सूचना मिली थी। टीम ने अचानक फैक्ट्री पर छापा मारा तो वहां गंदगी के बीच मसाले पीसे और पैक किए जा रहे थे। फैक्ट्री संचालक मौके पर कोई वैध लाइसेंस और गुणवत्ता से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखा पाया।
अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया मसालों को मिलावटी और मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। लिए गए तीनों नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा गया है।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई
FSDA अधिकारियों का कहना है कि लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मिलावट की पुष्टि होगी। अगर नमूने फेल होते हैं तो फैक्ट्री मालिक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के तहत FIR, भारी जुर्माना और लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
अलीगढ़ में इससे पहले भी कई जगहों पर खोया, तेल और मसालों में मिलावट के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में एक साथ मिलावटी मसाला बरामद होना गंभीर मामला है।
मिलावटी मसालों से सेहत को कितना खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार मिलावटी हल्दी, मिर्च और धनिया में अक्सर घातक केमिकल रंग, चॉक पाउडर, स्टार्च और ईंट का चूरा तक मिलाया जाता है। यह मिलावटी मसाला लीवर, किडनी और आंतों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। लंबे समय तक इसके सेवन से कैंसर और फूड पॉइजनिंग का खतरा भी बढ़ जाता है। सस्ते के चक्कर में ऐसे मसाले खरीदना सेहत के साथ खिलवाड़ है।
मिलावटी मसाले की पहचान कैसे करें? 1. हल्दी: असली हल्दी का रंग गहरा पीला होता है, मिलावटी हल्दी हल्की और ज्यादा चमकदार लगती है। पानी में घोलने पर अगर रंग तुरंत छोड़े तो मिलावट है। 2. मिर्च पाउडर: मिर्च पाउडर को पानी में डालने पर अगर ईंट जैसा रंग नीचे बैठ जाए तो समझिए मिलावट है। 3. धनिया पाउडर: हाथ पर रगड़ने से अगर भूरे रंग का चूरा या बदबू आए तो वह मिलावटी हो सकता है।
उपभोक्ताओं से अपील है कि हमेशा ब्रांडेड और पैक्ड मसाले ही खरीदें, और बिल जरूर लें। कहीं भी मिलावट की आशंका लगे तो 1800-180-1967 टोल फ्री नंबर पर शिकायत करें।
अलीगढ़ में FSDA की यह कार्रवाई मिलावटखोरों के लिए कड़ी चेतावनी है। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट में क्या निकलता है और दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।

