"स्वस्थ नवजात - स्वस्थ भविष्य" के संकल्प के साथ 11 से 13 सितंबर तक होगा भव्य आयोजन

Aligarh Media Desk

अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़ | चिकित्सा के क्षेत्र में अलीगढ़ एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी), अलीगढ़ शाखा के तत्वावधान में नवजात शिशु चिकित्सा का सबसे बड़ा राज्य स्तरीय सम्मेलन "नियो कॉन-26" का आयोजन 11, 12 एवं 13 सितंबर 2026 को अलीगढ़ में किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस महासम्मेलन में देश और विदेश के ख्यातिप्राप्त नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्रित होंगे और नवजातों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मंथन करेंगे।

यह आयोजन न केवल अलीगढ़ के चिकित्सा जगत के लिए बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाला है।


क्या है नियो कॉन-26 का उद्देश्य?

नवजात शिशु की चिकित्सा बाल रोग चिकित्सा की सबसे संवेदनशील और जटिल शाखा है। समय से पहले जन्मे बच्चे, कम वजन वाले नवजात, जन्म के तुरंत बाद होने वाले संक्रमण और सांस संबंधी समस्याएं आज भी बड़ी चुनौती हैं।


नियो कॉन-26 का मुख्य उद्देश्य इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए चिकित्सकों को आधुनिक, प्रमाण-आधारित और नवीनतम उपचार पद्धतियों से लैस करना है। इस सम्मेलन में विशेषज्ञ नवजात गहन चिकित्सा (NICU), एडवांस रिससिटेशन और जटिल रोगों के प्रबंधन पर अपने अनुभव साझा करेंगे।


सम्मेलन में इन महत्वपूर्ण विषयों पर होगा मंथन

आयोजन समिति के अनुसार, इस वैज्ञानिक महाकुंभ में कई गंभीर विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख हैं:

• समय से पूर्व जन्मे एवं अत्यंत कम वजन वाले नवजात की देखभाल • नवजात में होने वाले गंभीर संक्रमण (Neonatal Sepsis) का आधुनिक प्रबंधन • श्वसन संबंधी जटिलताओं और वेंटिलेटर थेरेपी की नवीनतम तकनीक • नवजात पोषण (Neonatal Nutrition) का वैज्ञानिक महत्व • नवजात में रक्तचाप एवं परिसंचरण संबंधी विकारों का निदान • गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में उपचार के नए प्रोटोकॉल 

हर सत्र में विशेषज्ञों द्वारा लाइव केस स्टडी, व्याख्यान और पैनल डिस्कशन के माध्यम से स्थानीय चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।


आईएपी अलीगढ़ शाखा के पदाधिकारियों ने क्या कहा?

सम्मेलन को लेकर आईएपी अलीगढ़ शाखा में जबरदस्त उत्साह है।

शाखा के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप बंसल ने बताया, "नियो कॉन-26 का उद्देश्य केवल ज्ञान बांटना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि अलीगढ़ सहित आसपास के जिलों के हर गंभीर नवजात को समय पर विश्वस्तरीय और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा मिल सके। हम चाहते हैं कि हमारे चिकित्सक दुनिया की नवीनतम तकनीक से जुड़ें।"


शाखा के सचिव डॉ. अभिषेक शर्मा ने कहा, "देश के कोने-कोने से इतने बड़े विशेषज्ञों का अलीगढ़ आना हमारे शहर के लिए गौरव की बात है। यह हमारे युवा चिकित्सकों और पीजी छात्रों के लिए सीखने का एक सुनहरा अवसर है, जो उनके करियर को नई दिशा देगा।"

कोषाध्यक्ष डॉ. नीलम मंधार ने बताया कि सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पंजीकरण को लेकर चिकित्सकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।


सम्मेलन के मुख्य आयोजनकर्ता डॉ. संजीव कुमार के नेतृत्व में वैज्ञानिक और प्रशासनिक टीम दिन-रात तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है, जबकि सम्मेलन के संरक्षक डॉ. वाई. के. द्विवेदी एवं डॉ. अनूप कुमार के मार्गदर्शन में विभिन्न समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।


अलीगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती

यह सम्मेलन अलीगढ़ को नवजात शिशु चिकित्सा के नक्शे पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। विशेषज्ञों के इस समागम से न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होगा, बल्कि अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा।

निःसंदेह, "स्वस्थ नवजात—स्वस्थ भविष्य" के संकल्प के साथ आयोजित हो रहा नियो कॉन-26, चिकित्सा जगत के लिए एक यादगार और प्रेरणादायी आयोजन बनने जा रहा है।