AMU की खबरें| परिवार गोद लेने के एनएमसी कार्यक्रम के लिए गांव पहुंचे एमबीबीएस के छात्र

0

अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़| अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, केंद्रों और संकायों के शिक्षकों और छात्रों ने ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ समारोह के अंतर्गत विश्वविद्यालय में आयोजित सफाई अभियान, जागरूकता कार्यक्रम और वृक्षारोपण जैसी हरित गतिविधियों में शामिल हुए।

     डॉ जियाउद्दीन अहमद डेंटल कॉलेज में, प्राचार्य, प्रोफेसर आर के तिवारी ने कार्यक्रम के महत्व के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।


उन्होंने कहा कि हम वृक्ष संरक्षण और पर्यावरण के मुद्दों पर निरंतर अनुसंधान और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक पहुंच के वैश्विक मंच में शामिल हैं। आज जबकि प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, ऐसे में पृथ्वी की रक्षा करने की आवश्यकता है और प्रत्येक व्यक्ति को इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए।उन्होंने पर्यावरण की रक्षा का संकल्प भी दिलाया और शिक्षकों, छात्रों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के साथ पौधे लगाए।


सेंटर फॉर ग्रीन एंड रिन्यूएबल एनर्जी, जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी और इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूके) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित आमंत्रण भाषण देते हुए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सलाहकार और राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के पूर्व महानिदेशक, डॉ अरुण कुमार त्रिपाठी ने पर्यावरणीय क्षरण को कम करने के लिए अक्षय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग पर बात की। उन्होंने जोर देकर कहा कि जलवायु से सम्बंधित महत्वाकांक्षाओं को लागू करने के प्रयासों के हिस्से के रूप में, हमें उन गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जिनका स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


डॉ अरुण कुमार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं पर भी चर्चा की।सेंटर फॉर ग्रीन एंड रिन्यूएबल एनर्जी के समन्वयक और विद्युत विभाग के प्रभारी सदस्य प्रोफेसर मोहम्मद रिहान ने विश्व पर्यावरण दिवस के इतिहास और प्रासंगिकता पर बात की।


उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जैव विविधता के नुकसान के संकट से उत्पन्न तबाही को रोकने के लिए हम सभी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।


राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के निदेशक-तकनीकी, डॉ जयप्रकाश ने इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स-आईईईई (यूएसए) छात्र शाखा के सहयोग से आयोजित एक वार्ता में बिजली प्रणालियों के डीकार्बाेनाइजेशन और पर्यावरण क्षरण की रोकथाम में सौर ऊर्जा की भूमिका पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान द्वारा विकसित लक्ष्यों और अभिनव समाधानों पर चर्चा की।


इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी संस्थान-आईईटी, दिल्ली लोकल नेटवर्क-डीएलएन के अध्यक्ष, महताब सिंह,  रेल विकास निगम के समूह महाप्रबंधक और समुदाय समिति, दक्षिण एशिया, आईईटी के अध्यक्ष, आर एन राजपूत और जीएम इलेक्ट्रिकल राइट्स, भारतीय रेलवे और सचिव आईईटी डीएलएन, तारिणी बसवाल ने इस बारे में बात की कि कैसे दुनिया भर के लोग, समुदाय, नागरिक समाज, व्यवसाय और सरकारें पर्यावरण संरक्षण पहल के साथ बदलाव ला सकती हैं।कार्यक्रम का संचालन डॉ मोहम्मद फैसल जलील और मोहम्मद जैद ने किया।


राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में कार्यक्रम समन्वयक डॉ अरशद हुसैन ने बताया कि कैसे पारिस्थितिक तंत्र को पृथ्वी के विभिन्न घटकों के संरक्षण और संरक्षण के लिए तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता के साथ बहाल किया जा सकता है।


प्रोग्राम ऑफ़िसर डॉ मुजाहिद अली खान ने प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के माध्यम से एक भौगोलिक क्षेत्र में पौधों और जानवरों की सभी प्रजातियों को बनाए रखने के लिए व्यापक योजनाओं को लागू करने पर ज़ोर दिया।इस अवसर पर छात्र कैडेट्स के साथ एनएसएस समन्वयक एवं कार्यक्रम अधिकारी ने भी पौधरोपण किया।




...डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज ने एएमयू छात्रा का चयन


अलीगढ़, 6 जूनः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सांख्यिकी विभाग की एमएससी छात्रा निधि सिंह को बहुराष्ट्रीय दवा कंपनी, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज द्वारा प्रबंधन प्रशिक्षु-विश्लेषक के रूप में नियुक्त किया गया है।


सांख्यिकी और संचालन अनुसंधान विभाग के अध्यक्ष, प्रोफेसर अकील अहमद ने बताया कि निधि का चयन प्रशिक्षण और प्लेसमेंट कार्यालय (सामान्य) और प्रशिक्षण और प्लेसमेंट कार्यालय, सांख्यिकी और संचालन अनुसंधान विभाग के सहयोग से आयोजित एक भर्ती अभियान में हुआ था।


प्रशिक्षण और प्लेसमेंट अधिकारी (सामान्य) साद हमीद और प्रशिक्षण और प्लेसमेंट अधिकारी, सांख्यिकी और संचालन अनुसंधान विभाग डॉ अहमद यूसुफ अदहमी ने कहा कि आने वाले महीनों में इसी तरह के अभियान में और अधिक छात्रों की नियुक्ति की उम्मीद है।



परिवार गोद लेने के एनएमसी कार्यक्रम के लिए गांव पहुंचे एमबीबीएस के छात्र


अलीगढ़, 6 जूनः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र पंजीपुर गांव पहुंच गए हैं, जहां नए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) एमबीबीएस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक मेडिकल छात्र तीन से पांच परिवारों को गोद लेकर नियमित रूप से उनकी स्वास्थ्य स्थितियों की निगरानी करेंगे और आवश्यकतानुसार उन्हें सलाह देंगे।


उन्हें पंजीपुर गांव ले जाने वाली बस को अलीगढ़ आयुक्त, श्री गौरव दयाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला अलीगढ़, डॉ नीरज त्यागी, आईसीडीएस, जवान ब्लॉक, अलीगढ़, सावित्री पाल और मेडिसिन फैकल्टी के डीन, प्रोफेसर राकेश भार्गव, जेएनएमसी के प्रिंसिपल, प्रो शाहिद अली सिद्दीकी, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष, प्रो सायरा मेहनाज, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर, प्रो एम अतहर अंसारी, डॉ अली जाफर आब्दी, डॉ मोहम्मद सलमान शाह और डॉ नफीस फैजी ने झंडी दिखाकर रवाना किया।


श्री गौरव दयाल (अलीगढ़ आयुक्त) ने कहा कि परिवार गोद लेने का यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करेगा। नतीजतन, गोद लिए गए परिवार बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल के लिए आत्मनिर्भर हो जाएंगे और इन मेडिकल छात्रों द्वारा प्राप्त परिणामों से ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों की स्वास्थ्य देखभाल में भारी बदलाव आएगा। 


मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला अलीगढ़, डॉ नीरज त्यागी ने जोर देकर कहा कि हम ग्रामीण आबादी को समृद्ध करने के लिए स्वास्थ्य सेवा केंद्रों से हर संभव सहायता देने के लिए तैयार हैं।


प्रोफेसर राकेश भार्गव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गोद लिए गए परिवारों की देखभाल करने वाले एमबीबीएस छात्रों को शिक्षकों द्वारा निर्देशित किया जाएगा। चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता भी उनकी सहायता के लिए अपना सहयोग देंगे। इस कार्यक्रम से गांवों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी।


प्रिंसिपल, जेएनएमसी, प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने बताया कि हमारे पास पहले से ही मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएट्स के लिए एक जिला रेजिडेंसी कार्यक्रम है, जिससे उनके लिए जिला अस्पतालों में तीन महीने की पोस्टिंग अनिवार्य है। अब एमबीबीएस प्रशिक्षण में एक परिवार गोद लेने के कार्यक्रम को शामिल करने से हम गांवों में लोगों के प्राथमिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित कर सकते हैं।


सामुदायिक चिकित्सा विभाग की अध्यक्ष, प्रोफेसर सायरा मेहनाज़ ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा नियामक, एनएमसी ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए हर मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के तहत इस कार्यक्रम को शामिल किया है। कार्यक्रम का उद्देश्य एमबीबीएस छात्रों को शुरू से ही जमीनी स्तर पर अनुभव प्रदान करना भी है।


उन्होंने शिक्षकों, डा. मोहम्मद सलमान शाह, डा. तबस्सुम नवाब, डा. अली जाफर आब्दी और डा नफीस फैजी के साथ कार्यक्रम के लिए प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों को भी प्रशिक्षित किया।


कार्यक्रम समन्वयक, प्रोफेसर एम अतहर अंसारी ने बताया कि डॉ अली जाफर आब्दी ने कार्यक्रम के लिए फील्ड मैपिंग अभ्यास, संपर्क कार्य और ग्राम समन्वय किया। डॉ. मोहम्मद सलमान शाह और डा. नफीस फैजी ने मार्गदर्शन दस्तावेज, मॉड्यूल और लॉगबुक तैयार की।


 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
एक टिप्पणी भेजें (0)
...अपने इलाके की खबरों/वीडियो/फोटो अलीगढ मीडिया पर प्रकाशन हेतु व्हाट्सअप या ई-मेल करें:aligarhnews@gmail.com

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top