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‘बच्चों में बहरेपन की तत्काल पहचान’ पर जेएन मेडीकल कालिज में चिकित्सा अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम



अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़| अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के राष्ट्रीय बाल जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र और उत्कृष्टता केंद्र में (उीईआईसी) राष्ट्रीय स्वास्थय कार्यक्रम के चिकित्सा अधिकारियों के लिये ‘बच्चों के बहरेपन की प्रारंभिक पहचान’ विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें उन्हें शिशुओं की जांच और स्क्रीनिंग की प्रक्रियाओं के बारे में प्रशिक्षित किया।

डीईआईसी के मानद सलाहकार प्रोफेसर तबस्सुम शहाब ने कहा कि ‘बच्चों में श्रवण दोष की तत्काल पहचान आवश्यक है, ताकि उनकी सुनने और बोलने की क्षमता को ठीक किया जा सके ताकि उनका विकास बाधित न हो।

जेएनएमसी के कार्यवाहक प्राचार्य प्रोफेसर एमयू रब्बानी ने कहा कि बच्चों को भाषा बोलने और सीखने के लिए सुनना आवश्यक है और इसकी कमी उनके मनोवैज्ञानिक और सामाजिक विकास में बाधा डालती है। यह न केवल बातचीत पर बल्कि स्वास्थ्य, स्वतंत्रता, कल्याण, जीवन की गुणवत्ता और दैनिक कार्य पर भी गहरा प्रभाव डाल सकता है। यह महत्वपूर्ण है कि देश भर के अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों को बच्चों में सुनने और बोलने की समस्याओं की पहचान करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाए।

प्रोफेसर हारिस एम खान (चिकित्सा अधीक्षक, जेएनएमसी) ने कहा कि विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि छह महीने की उम्र से पहले ध्यान देने वाले शिशुओं के स्कूल के परिणाम 2-5 साल की उम्र तक होते हैं और संवाद करने की क्षमता बेहतर होती है।

प्रोफेसर एमयू रब्बानी और प्रोफेसर हारिस एम. खान ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागी चिकित्सकों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

प्रोफेसर कामरान अफजल (अध्यक्ष, बाल रोग विभाग और संयोजक, डीईआईसी) ने कहा कि बहु-विषयक बच्चों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वैश्विक बहु-विषयक संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने बधिर बच्चों का डेटा भी प्रस्तुत किया, जिनका डेटा डीईआईसी प्रबंधक एम अनवर सिद्दीकी ने तैयार किया है।

प्रो. सैयद मनाजिर अली (बाल रोग विभाग) और डॉ. आफताब अहमद (ईएनटी विभाग) ने श्रवण स्क्रीनिंग, स्क्रीनिंग तकनीकों और श्रवण दोष के शीघ्र पता लगाने और उपचार की चुनौतियों के लिए आदर्श समय के बारे में बताया। डॉ. आफताब अहमद ने कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी और स्पीच थेरेपी के इतिहास पर भी बात की।

डीईआईसी-सीओई की नोडल अधिकारी डॉ. उज़मा फिरदौस ने कहा कि दुनिया भर के अस्पतालों में ऑडियोलॉजिस्ट और ऑडियो-गणितज्ञ और ऑडियोलॉजिकल डायग्नोस्टिक सुविधाओं की मांग दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।

नैदानिक मनोवैज्ञानिक डॉ. फिरदौस जहां ने कर्णावर्त प्रत्यारोपण से पहले बच्चों में आईक्यू परीक्षण के बारे में बात की, जबकि ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच थेरेपिस्ट बिभा कुमारी ने कान की संरचना और शरीर क्रिया विज्ञान, श्रवण परीक्षण और बच्चों में श्रवण हानि की पहचान के बारे में बात की और अपने विचार व्यक्त करें।

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एएमयू शिक्षक डा. अजहर अजीज ने दिया पेट के कैंसर के इलाज पर व्याख्यान

अलीगढ़, 1 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के इंटरडिसिप्लिनरी नैनोटेक्नोलॉजी सेंटर के निदेशक डॉ मुहम्मद अजहर अजीज ने कोलोरेक्टल कैंसर पर ‘नैनो-मेडिकल साइंसेज में आधुनिक विकास’ विषय पर आयोजित कांफ्रेंस में बड़ी आंत के कैन्सर में आनुवंशिक और अन्य कारकों की भूमिका, उपचार की जटिलताओं और रोगी की विशिष्ट चिकित्सा आवश्यकताओं के अनुसार दवाओं का उपयोग पर व्याख्यान दिया। सम्मेलन का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ नैनोमेडिकल साइंसेज, दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा किया गया था।

डॉ. अजहर अजीज ने सम्मेलन में एक सत्र की भी अध्यक्षता की जिसमें उन्होंने पार्किंसंस रोग के खिलाफ भारतीय औषधीय पौधों के न्यूरोप्रोटेक्टिव गुणों और चुंबकीय नैनोकणों पर विस्तार से बताया।

डॉ. अजहर अजीज ने आनुवंशिक और एपिजेनेटिक कारकों के बारे में बात की जिसके कारण कोलन कैंसर को विभेदित किया जाता है और कीमोथेरेपी और लक्षित चिकित्सा में उपयुक्त दवाओं के उपयोग के साथ निदान किया जाता है।

उन्होंने नई उपलब्धियों के बारे में भी बताया जो कैंसर रोगियों को आशा प्रदान करती हैं।

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पीएचडी छात्रों के लिए कम्यूटर विज्ञान विभाग में इंडक्शन कार्यक्रम

 अलीगढ़, 1 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग ने पीएचडी छात्रों (सत्र 2021-22) के लिए एक इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें उन्हें विभाग में उपलब्ध नवीनतम शोध संसाधनों और अनुसंधान संबंधी नीतियों और अन्य विष्यों के बारे में जानकारी दी गई।

प्रो. एम.एन. हुदा, निदेशक, कंप्यूटर अनुप्रयोग और प्रबंधन संस्थान, भारतीय विद्यापीठ, नई दिल्ली ने विशिष्ट अतिथि के रूप में एक अच्छे शोधार्थी की विशेषताओं और शोध समस्याओं से निपटने के लिए उपयोग की जाने वाली तकनीकों, प्रस्तुति के महत्व और मानक पत्रिकाओं का वर्णन किया तथा शोध परिणामों के प्रकाशन के बारे में बताया। उन्होंने साहित्य समीक्षा के बिंदुओं को भी स्पष्ट किया।

प्रो. हुदा ने विद्वानों को शोध की नैतिकता, लेखन के सहायक संसाधनों, ग्रंथ सूची और साहित्यिक चोरी का पता लगाने के लिए संसाधनों पर भी प्रकाश डाला।

स्प्रिंगर द्वारा प्रकाशित इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के प्रधान संपादक के रूप में प्रो. हुदा ने प्रकाशन प्रक्रिया के अपने अनुभव साझा किए और अच्छे सामाजिक प्रभाव अनुवाद संबंधी शोध की आवश्यकता पर बल दिया।

कंप्यूटर विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. आसिम जफर ने नवीनतम अनुसंधान सुविधाओं और विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के बारे में बताया। उन्होंने एएमयू के मौलाना आजाद पुस्तकालय में उपलब्ध विभिन्न शोध उपकरणों के साथ-साथ पीएचडी छात्रों के लिए विभिन्न फेलोशिप के बारे में भी जानकारी दी।

इस दौरान रिसोर्स पर्सन ने छात्रों के विभिन्न सवालों के जवाब दिए। डॉ. मुहम्मद नदीम ने निदेशक के रूप में कार्य किया, जबकि डॉ. अरमान रसूल फरीदी ने आभार व्यक्त किया।

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शोक सभा आयोजित

अलीगढ़, 1 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक प्रोफेसर एस महमूद ए जैदी के निधन पर गणित विभाग में शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें विभाग के अधिकारियों ने स्व. जैदी के शोक संतप्त परिवार को अपनी संवेदना एवं शोक व्यक्त किया।

गणित विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर कमर उल हसन अंसारी ने कहा कि हम प्रोफेसर महमूद के परिवार के दुख को साझा करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें इस दुख को सहन करने के लिए प्रोत्साहित करें।

प्रो. महमूद 2003 से 2005 और 2005 से 2006 तक गणित विभाग के दो बार अध्यक्ष रहे। वे विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल और कोर्ट के सदस्य और इंडियन मैथमैटिकल सोसाइटी के आजीवन सदस्य थे।

प्रो महमूद 1971 में लेक्चरर के रूप में एएमयू में शामिल हुए और बाद में क्रमशः 1986 और 1998 में रीडर और प्रोफेसर बने।

उन्होंने रैखिक बीजगणित पर व्याख्यान, एक पुस्तक लिखी और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति की मानक पत्रिकाओं में कई लेख प्रकाशित किए।

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प्रो. इमामुल हक कामर्स विभाग के अध्यक्ष नियुक्त

अलीगढ़, 1 जुलाईः प्रोफेसर एसएम इमामुल हक़ को तीन वर्ष की अवधि के लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। आज उन्होंने अपने पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है।

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