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अलीगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार की योजना के तहत मेधावी एएमयू छात्रों को मिले टेबलेट



अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा को तकनीक से जोड़ने के लिये चलाये जा रहे निशुल्क टेबलेट स्मार्टफोन वितरण योजना के तहत आज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पालीटेक्निक सभागार में डीन स्टूडैन्ट वेलफेयर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिलाधिकारी श्री इन्द्र विक्रम सिंह, कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर, डीन छात्र कल्याण प्रोफेसर मुजाहिद बेग डिप्टी छात्र कल्याण डीन प्रोफेसर नैय्यर आसिफ और नोडल आफीसर डा. अब्दुस समद द्वारा विश्वविद्यालय के छात्रों को टेबलेट प्रदान किये गये।


गैजेट्स वितरित करते हुए, मुख्य अतिथि श्री इंद्र विक्रम सिंह ( जिला मजिस्ट्रेट, अलीगढ़) ने छात्रों से अपनी शिक्षा के लिए लैपटॉप और स्मार्ट फोन का सर्वाेत्तम उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में युवाओं को शिक्षा की बेहतर सुविधाऐं हासिल हैं और अभिभावकों के साथ ही प्रदेश सरकार उनकी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केन्द्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपरेशन कायाकल्प के माध्यम से प्राथमिक शिक्षा को नई दिशा प्रदान की है।


उन्होंने आज के तकनीकी युग में पुस्तकों और शिक्षकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वह अपने गुरूओं और किताबों को कतई नजर अन्दाज न करें। उन्होंने छात्रों से कहा कि अच्छे छात्र की पहचान यह है कि शिक्षा के प्रति उसकी जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होती। जिलाधिकारी श्री इन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि इस संस्था के संस्थापक सर सैयद अहमद खा ने शिक्षा के प्रचार व प्रसार का जो सपना देखा था वह उसे पूरा करें और अपनी संस्था के नाम को विश्व भर में गौरवान्वित करें और दुनियां भर में इल्म की रोशनी को फैलाऐं।


कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने मुख्यमंत्री, प्रदेश सरकार और अन्य सरकारी अधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि यह सूचना प्रौद्योगिकी का युग है और यह अनिवार्य है कि छात्र वहां तक पहुंच के लिए आधुनिक गैजेट्स का उपयोग करें और दुनिया भर में हो रहे अनुसंधान से परिचित हों। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि इन टैबलेट और स्मार्टफोन के वितरण से छात्रों को काफी फायदा होगा।


उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद से दुनिया में आनलाइन शिक्षा का महत्व बहुत बढ़ गया है। कुलपति ने कहा कि इन गैजेट्स के उपयोग से न केवल छात्रों को उनके शैक्षणिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रासंगिक अध्ययन सामग्री खोजने में मदद मिलेगी, बल्कि वे कौशल उन्नयन के लिए कई अन्य ऑनलाइन पाठ्यक्रम भी कर सकेंगे।


स्वागत भाषण में प्रो मुजाहिद बेग (डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर) ने कहा कि “तकनीकी सशक्तिकरण के लिए छात्रों को लैपटॉप और स्मार्टफोन वितरित करने की पहल राज्य के मुख्यमंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार की एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी क्रांति का अग्रदूत है और इसके कुशल उपयोग से डिजिटल साक्षरता में अंतर को पाटने के लिए सर्वाेत्तम परिवर्तन होंगे।


डॉ अब्दुस समद (नोडल अधिकारी) ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया और कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनामिका गुप्ता ने किया। मुख्य अतिथि, श्री इंद्र विक्रम सिंह (जिला मजिस्ट्रेट, अलीगढ़), प्रोफेसर तारिक मंसूर (कुलपति), प्रोफेसर मुजाहिद बेग (डीन छात्र कल्याण), प्रोफेसर नैयर आसिफ (उप-छात्र कल्याण डीन) और डॉ अब्दुस समद ने छात्रों को गैजेट्स वितरित किए।


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 ‘भारत, स्पेन और लैटिन अमेरिका के बीच सामाजिक-संस्कृति संबंधों’ पर संगोष्ठी का आयोजन

अलीगढ़, 5 अगस्तः विदेशी राजनयिकों और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने भारत, स्पेन और लैटिन अमेरिकी देशों की भाषा, संस्कृति, कला और आपसी सौहार्द पर चर्चा की। यह ‘भारत, स्पेन और लैटिन अमेरिका के बीच सामाजिक-संस्कृति संबंध’ पर एएमयू के अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन संकाय के विदेशी भाषा विभाग की संगोष्ठी में शामिल होने के लिए विश्वविद्यालय पधारे थे।


ऑस्कर पुजोल (निदेशक, इंस्टिट्यूटो सर्वेंट्स, नोडल संस्थान स्पेन ने कहा कि फिलहाल, नई दिल्ली में हमारे पास 40 स्कूल हैं जिन्होंने स्पेनिश भाषा को अपने पाठ्यक्रम में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि इंस्टिट्यूटो सर्वेंट्स स्पेनिश भाषा पाठ्यक्रम प्रदान करता है जो भाषा और संस्कृति के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि यह स्पैनिश भाषी संस्कृतियों की एक विस्तृत श्रृंखला का पता लगाने और परिचित होने का अवसर है।


फेडेरिको सालास लोटफे (भारत में मेक्सिको के राजदूत) ने कहा कि भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच संबंध द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तरों पर पारंपरिक रूप से मैत्रीपूर्ण रहे हैं, लेकिन हमें संयुक्त प्रकाशन, प्रौद्योगिकी विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, तात्कालिक उत्पादों और प्रक्रियाओं सहित विभिन्न प्रकार के आउटपुट देने के लिए अधिक अकादमिक बातचीत को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।


कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए अमुवि सहकुलपति प्रो मोहम्मद गुलरेज़ ने भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान के विभिन्न क्षेत्रों के बारे में चर्चा की।


उन्होंने कहा कि हमारा मिड डे मील भोजन कार्यक्रम ब्राजील की योजना का प्रत्यक्ष अनुकूलन है और भारत, लैटिन अमेरिका और स्पेन के बीच हमेशा स्वस्थ और उपयोगी सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंध रहे हैं।


प्रोफेसर ऐश नारायण रॉय (निदेशक, सामाजिक विज्ञान संस्थान) ने भारत और लैटिन अमेरिका के बीच एक अंतःविषय परिप्रेक्ष्य से सामाजिक और सांस्कृतिक सामान्य आधारों को चित्रित किया।


उन्होंने बीबीसी मुंडो की लैटिन अमेरिकी सेवाओं और मैक्सिकन समाचार पत्रों में योगदान के साथ काम करने के अनुभव भी साझा किए।


स्वागत भाषण में प्रोफेसर जावेद इकबाल (डीन, फैकल्टी ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज) ने लैटिन अमेरिका के प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ विदेशी भाषा विभाग, एएमयू के लिए अकादमिक सहयोग का सुझाव दिया।


डॉ नूरिन खान ने ‘शैक्षणिक यात्रा के माध्यम से भारत में लैटिन अमेरिका की उपस्थिति’ विषय पर विचार-विमर्श किया और डॉ मुराद अहमद खान ने भारत और लैटिन अमेरिका के बीच समानता और भारत में स्पेनिश भाषा की बढ़ती मांग पर विचार किया।


सुहैल अख्तर और डॉ सुबैर पीएम ने उद्घाटन भाषण दिया और धन्यवाद ज्ञापित किया।


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नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर डॉ वीरेंद्र कुमार के व्याख्यान में शामिल हुए एएमयू के छात्र

अलीगढ़, 5 अगस्तः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने राष्ट्रीय युवा और छात्र संवाद कार्यक्रम की लाइव स्क्रीनिंग में भाग लिया, जिसमें केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार ने 75 शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ अपने संबोधन में नशीली दवाओं के दुरुपयोग को समाप्त करने के लिए निरंतर अभियान की वकालत की। यह कार्यक्रम डा. अंबेडकर चेयर ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च, कानून विभाग द्वारा आयोजित ‘नशे से आजादी’ और ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत आयोजित किया गया।


डॉक्टर अम्बेडकर पीठ कानूनी अध्ययन और अनुसंधान प्रभारी प्रोफेसर जावेद तालिब ने बताया कि अपने संबोधन में डॉ वीरेंद्र कुमार ने शराब और नशीली दवाओं की लत के हानिकारक प्रभावों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला और युवाओं को समाज से नशीली दवाओं के दुरुपयोग को खत्म करने और नशा मुक्त भारत बनाने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।


विधि संकाय के डीन प्रो मोहम्मद अशरफ, प्रोफेसर शकील अहमद, प्रो एम वसीम अली, प्रोफेसर हशमत अली खान, डॉ तबस्सुम चौधरी और डॉ जफर अहमद खान ने भी युवाओं से नशीली दवाओं के दुरुपयोग से मुक्त समाज का लक्ष्य दृढ़ संकल्प प्रदर्शित करने और प्राप्त करने के लिए सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।


इस बीच छात्रों ने एक पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता और एक पैनल चर्चा में भी भाग लिया, जिसका उद्देश्य युवाओं पर नशीले पदार्थों के नुकसान के बारे में जागरूक किया।


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सिटी गर्ल्स हाई स्कूल काजीपाड़ा की मेहविश का राष्ट्रीय स्तर की आर्म कुश्ती प्रतियोगिता में चयन


अलीगढ़, 5 अगस्तः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सिटी गर्ल्स हाई स्कूल-काजीपाड़ा की नौवीं कक्षा की छात्रा मेहविश को जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में 18 से 22 अगस्त तक होने वाली राष्ट्रीय स्तर की आर्म कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए चुना गया है। .


जिला स्तरीय आर्म कुश्ती प्रतियोगिता में रजत पदक और राज्य स्तर पर कांस्य पदक जीतने के बाद उनका चयन किया गया था।


एमडी आलमगीर (प्रिंसिपल, एएमयू सिटी गर्ल्स हाई स्कूल) ने कहा कि मेहविश अपने अल्मा मेटर के लिए सम्मान ला रही है और उम्मीद है कि उसका ड्रीम रन जारी रहेगा।


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परमाणु विकिरण जांच पर एक दिवसीय एसएसआर कार्यक्रम


अलीगढ़, 5 अगस्तः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग ने डीएसटी-एसईआरबी परियोजना के हिस्से के रूप में ‘परमाणु विकिरण का पता लगाने’ पर एक दिवसीय वैज्ञानिक सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका शीर्षक ‘ब्रेक-अप फ्यूजन प्रतिक्रियाओं में प्रवेश चौनल मापदंडों की भूमिका को समझना’ था। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के शोधार्थियों ने पंजीकरण कराकर भाग लिया।


प्रोफेसर बीपी सिंह (अध्यक्ष, भौतिक विज्ञान विभाग और डीएसटी-एसईआरबी परियोजना के प्रधान अन्वेषक) ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि वैज्ञानिक सामाजिक उत्तरदायित्व (एसएसआर) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की पहल है ताकि सभी हितधारकों के बीच तालमेल का निर्माण किया जा सके। उन्होंने ‘आंतरिक रूपांतरण’ पर विशेष जोर देने के साथ परमाणु विकिरण का पता लगाने पर भी बात की।


प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया और रूपांतरण गुणांक निर्धारित करने के लिए परमाणु भौतिकी प्रयोगशालाओं में प्रयोग किए गए। डॉ मोहम्मद शुएब, श्री मोहम्मद शारिक असनैन और श्री आकिब सिद्दीकी ने प्रयोग करने में छात्रों की मदद की।


समापन समारोह में सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। श्री मोहम्मद शारिक असनैन ने कार्यक्रम का समन्वयन किया और श्री मोहम्मद शारिक असनैन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


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उर्दू साहित्य में एएमयू के विद्वानों के योगदान पर ऑनलाइन व्याख्यान


अलीगढ़, 5 अगस्तः भारतीय डायस्पोरा वाशिंगटन डीसी मेट्रो द्वारा ‘उर्दू साहित्य और आलोचना में एएमयू के विद्वानों का योगदानः अंग्रेजी विभाग की भूमिका’ विषय पर एक ऑनलाइन व्याख्यान 6 अगस्त को आयोजित किया जा रहा है।


व्याख्यान अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मोहम्मद आसिम सिद्दीकी द्वारा 6 अगस्त को भारतीय समय नुसार रात्रि 8.30 बजे होगा। व्याख्यान के दौरान प्रोफेसर नाजिया हसन, वीमेन्स कालिज, एएमयू उद्घाटन भाषण देंगी, जबकि डॉ मसूद अली बेग, भाषा विज्ञान विभाग समापन भाषण देंगे।


 


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