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अलीगढ़। हरदुआगंज : छेड़छाड़ में न्याय न मिलने के कारण घर पर लगाये बिकाऊ के बोर्ड, गांव से पालयन करने को मजबूर

क्राइम ब्यूरो
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हरदुआगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में छेड़खानी से पीड़ित अनुसूचित जाति के परिवारों द्वारा घरों  के बाहर लिखवाया गया 'मकान बिकाऊ है।'

रिपो. लाखन सिंह

हरदुआगंज क्षेत्र के मिश्रित आबादी वाले एक गांव में अनुसूचित जाति की किशोरी से छेड़खानी का विरोध करने पर गैर समुदाय के युवकों ने उसके पिता को पीटकर घायल कर दिया। शिकायत करने पर पुलिस ने इस घायल पिता को ही आरोपी बना दिया। इससे नाराज अनुसूचित जाति के निवासियों ने गांव छोड़ने की घोषणा करते हुए अपने घरों के बाहर - ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिख दिया है।

हरदुआगंज। रविवार रात इस गांव में अनुसूचित जाति की बस्ती में दूसरे मोहल्ले के अन्य समुदाय के युवकों द्वारा अश्लील बातें और फब्तियां कसने के आरोप में मारपीट हुई थी। इसमें एक व्यक्ति घायल हो गया था। गैर समुदाय के युवकों पर आरोप है कि वे घायल व्यक्ति की नाबालिग बेटी से छेड़खानी करने के साथ जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर रहे थे। विरोध करने पर पिता को पीटकर घायल कर दिया। घायल पिता के अनुसार पुलिस ने उनकी तहरीर के साथ-साथ मोहल्ले के एक अन्य व्यक्ति की तहरीर लेकर क्रास करते हुए दोनों पक्षों से रिपोर्ट दर्ज कर ली।

विपक्षी ने छेड़खानी का शिकार हुई किशोरी के घायल पिता को भी आरोपी बना दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज अनुसूचित जाति के लोगों ने मंगलवार को थाने पहुंचकर अपनी नाराजगी जताई। इसके बाद अपने घरों के बाहर ‘यह मकान बिकाऊ है’ लिखवाकर गांव से पलायन की घोषणा कर दी। किशोरी की मां ने उच्चाधिकारियों को ईमेल भेजने के साथ बुधवार को एसएसपी से मिलने की बात कही है। उधर थाना प्रभारी बृजपाल सिंह का कहना है कि इस घटना को लेकर उचित कार्रवाई की गई है।


इस घटना की सूचना पर रविवार रात मैं खुद मौके पर गया था। जांच में दोनों ओर से मारपीट के तथ्य सामने आए थे। छेड़खानी जैसी बात उस समय सामने नहीं लाई गई थी। उसी अनुसार मुकदमे दर्ज किए गए। अब एक पक्ष की ओर से कुछ अलग आरोप बताए जा रहे हैं। हो सकता है कि इसमें थाना स्तर पर कोई गड़बड़ हुई हो, उसमें जांच की जाएगी। मगर इस तरह दबाव बनाने की प्रक्रिया गलत है। किसी के साथ पक्षपात या गलत कार्रवाई नहीं होगी।-विशाल चौधरी, सीओ अतरौली।

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