मैरिंगो क्यू.आर.जी हॉस्पिटल ने अलीगढ़ में अपनी चिकित्सा विशेषज्ञता का किया विस्तार

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अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़। फैटी लिवर रोगों सेपीड़ित लोगों की संख्या खतरनाक रफ्तार से बढ़ रही है। यहां तक कि हर पांच में से एक व्यक्ति के लिवर में अतिरिक्त फैट पाया जाता है और हर 10 में से कम से कम एक व्यक्ति फैटी लिवर रोग का शिकार है। लंबे समय तक इसका इलाज नहीं होने से लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर तक की नौबत आ सकती है। पिछले साल भारत में कैंसर से होने वाली हर तरह की मौतों में लिवर कैंसर का 7 फीसदी योगदान रहा और कैंसर संबंधी मौत के लिए इसे चौथा सबसे बड़ा कारण माना गया। मैरिंगो क्यू.आर.जी हॉस्पिटल ने आज अलीगढ़ स्थित पृथ्वीराज हॉस्पिटल के साथ भागीदारी करते हुए अपनी विशेष गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी, एचपीबी और लीवर ट्रांसप्लांट ओपीडी सेवाएं शुरू की। ओपीडी सेवाएं फरीदाबाद स्थित मैरिंगो क्यू.आर.जी हॉस्पिटल के मिनिमल एक्सेस, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंड एचपीबी सर्जरी के, एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. दीपांकर एस मित्रा द्वारा शुरू की गईं, जो हर महीने के पहले और तीसरे शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से 1ः30 बजे तक परामर्श के लिए ओपीडी का दौरा करेंगे। यहां विशेषज्ञों द्वारा लिवर, पैनक्रियाज और बिलियरी रोगों संबंधी सलाह और इलाज की व्यवस्था रहेगी।

फरीदाबाद स्थित मैरिंगो क्यू.आर.जी हॉस्पिटल के मिनिमल एक्सेस, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंड एचपीबी सर्जरी के, एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. दीपांकर एस मित्रा ने कहा, ’लिवर रोग, पैनक्रियाज, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, फैटी लिवर तथा हेपेटाइटिस के मामले खतरनाक दर से बढ़ रहे हैं, जिनमें से ज्यादातर ऐसे मामले होते हैं जिनका यदि शुरुआती चरण में ही पता चल जाए, तो इलाज और बचाव संभव है। मरीजों में इससे संबंधित लक्षणों का पता तभी चल पाता है जब 70 फीसदी लिवर काम करना बंद कर देता है। जो लोग गंदगी, गंदे पानी और हेपेटाइटिस बी तथा सी जैसे लिवर रोगों के सर्वाधिक मामलों वाले क्षेत्रों में रहते हैं, उन्हें लिवर संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। लिहाजा शुरुआती स्टेज में ही लिवर रोग की डायग्नोसिस और उचित तरीके से इलाज कराना ही इससे सफलतापूर्वक निजात पाने में अहम माना जाता है, यदि इस स्टेज तक लिवर क्षतिग्रस्त होने की स्थिति न आई हो।’


लीवर नाकाम हो जाने के बाद अंतिम विकल्प लीवर ट्रांसप्लांट ही रह जाता है, लेकिन भारत में लीवर के जरूरतमंद मरीजों और उपलब्ध लीवर के बीच बहुत बड़ा अंतर है। लोगों को यह बताना जरूरी है कि दान किए गए लीवर ट्रांसप्लांट की टेक्नोलॉजी में आई तरक्की से अब दान करने वाले व्यक्ति के मृत होने पर ज्यादा इंतजार करने की जरूरत नहीं है और अब कई लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। 

अलीगढ़ स्थित पृथ्वीराज हॉस्पिटल के निदेशक और संस्थापक डॉ.शोभित सेंगर ने कहा, ’हम वाकई बहुत खुश हैं कि हमने देश के एक सर्वश्रेष्ठ लीवर एवं डायजेस्टिव केंद्र के साथ गठजोड़ किया है और लीवर संबंधी समस्याओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।


 हमारी ओपीडी लोगों को परामर्श भी देगी और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी और उन्हें बेहतरीन टेक्नोलॉजी मुहैया कराएगी। फरीदाबाद स्थित मैरिंगो क्यू.आर.जी हॉस्पिटल के फैसिलिटी डायरेक्टर राजीव गोयल ने कहा “हमें अलीगढ़ में अपनी विशेष जीआई और लीवर ट्रांसप्लांट ओपीडी सेवाओं की शुरुआत करते हुए बहुत गर्व हो रहा है। यह बहु-विशिष्ट सेवाओं के लिए एक और पंख जोड़ता है, जो मैरिंगो क्यू.आर.जी हॉस्पिटल अपने मरीजों के लिए किफायती सुपर विशेष सेवाएं प्रदान करता है। अलीगढ़ के साथ, हमने मथुरा और पलवल क्षेत्र में अपनी सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी सेवाओं का भी विस्तार किया है।

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