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#AMU News| उद्यमिता एवं व्यक्तित्व विकास पर वीमेन्स पॉलिटेक्निक में कार्यशाला संपन्न



अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़, 8 अक्टूबरः विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट कार्यालय द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वीमेन्स पॉलिटेक्निक में विभिन्न पाठ्यक्रमों की छात्राओं के लिए उनके आत्म-विश्वास को बढ़ाने के लिए ‘रोजगार और व्यक्तित्व विकास’’ पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया।छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. सलमा शाहीन (प्राचार्य, वीमेन्स पॉलिटेक्निक) ने कहा कि यह कार्यशाला छात्रों के व्यक्तित्व विकास में काफी मददगार होगी और उनके करियर के लिए लाभप्रद साबित होगी।


उन्होंने सॉफ्ट स्किल्स के महत्व के बारे में भी बात की और छात्रों को रोजगार के क्षेत्र में अवसरों से अवगत कराया तथा उन्हें प्रेरक पुस्तकें पढ़ने की सलाह दी और बताया कि वह विश्वविद्यालय की सुविधाओं का कैसे बेहतर उपयोग कर सकते हैं।


तकनीकी सत्र में श्री साद हमीद (प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट अधिकारी-जनरल), डॉ. जुल्करनैन (अर्थशास्त्र विभाग) और डॉ. फैसल खान (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग अनुभाग, यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक) ने सकारात्मक दृष्टिकोण, उत्साह, अनुशासन और अच्छे संचार कौशल पर जोर दिया और अच्छी सीवी तैयारी के बारे में भी बताया।


डॉ. मुज़म्मिल मुश्ताक (सहायक प्रशिक्षण एवं नियोजन अधिकारी) ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का आयोजन उमरा मरियम ने किया और तारिक अहमद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में 110 छात्राओं ने भाग लिया।


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एएमयू शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया

अलीगढ़, 8 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कानून विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ एस अली नवाज जैदी को उच्च शिक्षण संस्थानों में कानून शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सेवाओं के लिए एवरेज लिटरेरी फेस्टिवल का ‘अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस’ एआईआई के अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया।


उन्हे यह पुरस्कार हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में उन्हें डॉ. एन.बी. शुक्ला (आयोजन सचिव, आरोहणम सीरीज 2022 और एवगे लिटरेरी फेस्टिवल) और पी श्रीराम (सीईओ, आरोहणम सीरीज 2022) द्वारा प्रदान किया गया।


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सेंटर फॉर कुरानिक स्टडीज सेन्टर की छात्रा को तुर्की छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया


अलीगढ़, 8 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से कुरानिक अध्ययन में बीए (ऑनर्स) की छात्रा नमीरा परवेज को सेल्जूक विश्वविद्यालय, कोन्या, तुर्की में एमए के लिए छात्रवृत्ति के लिए चयनित किया गया है।


कुरानिक स्टडीज सेंटर के निदेशक, प्रो अब्दुल रहीम कदवई ने इस उपलब्धि पर नमीरा परवेज को बधाई दी और आशा व्यक्त की कि अल-कुरान केंद्र के अन्य छात्र भी विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे।


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कैम्पस प्लेसमेंट अभियान में अजमल खान तिब्बिया कॉलेज के तीन छात्रों का चयन


अलीगढ़, 8 अक्टूबरः कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव के दौरान हमदर्द लैबोरेट्रीज की सहायक कंपनी हमदर्द वेलनेस द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अजमल खान तिब्बिया कॉलेज के तीन यूनानी चिकित्सकों का चयन किया गया है। जिन छात्रों का चयन हुआ है उनमें डॉ. मोहम्मद नदीम, डॉ. जमालुद्दीन और डॉ अफशान सऊद शामिल हैं।


कैम्पस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन संयुक्त रूप से तहफ्फुजी व समाजी तिब विभाग और प्रशिक्षण और प्लेसमेंट कार्यालय-जनरल द्वारा किया गया। हमदर्द प्रयोगशालाओं (चिकित्सा प्रभाग) के पैनल में श्री दीपक जोशी (सीओओ), श्री एम. इकरामुल्ला खान (जीएम-एचआर), श्री नौशाद राना (एजीएम, परामर्श) और प्रोफेसर शाकिर जमील विशेषज्ञ के रूप में शामिल थे।


अजमल खान तिब्बिया कॉलेज की प्राचार्य प्रो. शगुफ्ता अलीम ने टीम सदस्यों का स्वागत किया। श्री साद हमीद (टीपीओ-जनरल, एएमयू), प्रो रूबी अंजुम, डॉ फारूक ए डार (टीपीओ, यूनानी चिकित्सा संकाय) और डॉ अम्मार इब्ने अनवर ने कैंपस प्लेसमेंट अभियान में सहयोग किया।


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शोक सभा आयोजित


अलीगढ़, 8 अक्टूबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों ने विभाग के सेवानिवृत वरिष्ठ शिक्षक प्रोफेसर ख्वाजा शमीम अहमद के दुखद निधन पर आयोजित शोक सभा में श्रद्वांजलि अर्पित की।


विभाग में आयोजित शोक सभा की अध्यक्षता करते हुए सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष, प्रोफेसर अब्दुल बाकी ने कहा कि प्रोफेसर शमीम पेशेवर ईमानदारी, लगन और समर्पण के घोतक थे। उन्होंने विभाग में अपने शानदार अकादमिक करियर के दौरान हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दिया।


शोक संदेश को पढ़ते हुए प्रो अब्दुल बाकी ने कहा कि उनके गतिशील और सक्षम नेतृत्व में विभाग ने कई प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण के साथ कई गुना वृद्धि की। सिविल इंजीनियरिंग विभाग में हैवी स्ट्रक्चर प्रयोगशाला प्रो. शमीम साहब की ही देन है। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग विभाग में कई अन्य प्रयोगशालाओं के उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कॉलेज, फैकल्टी और विश्वविद्यालय स्तर पर अपने विकास मिशन को जारी रखा।


प्रो बाक़ी ने कहा कि प्रो शमीम अहमद को उनके सहयोगी और छात्र हमेशा उनके हंसमुख व्यक्तित्व के लिए याद करेंगे, जिससे हर कोई उनके सानिध्य का आनंद ले सके। दुख की इस घड़ी में समस्त सिविल इंजीनियरिंग विभाग परिवार उनके शोकाकुल परिवार के सदस्यों के साथ है और धैर्य और इस क्षति को सहन करने के लिए प्रार्थना करता है।


इस अवसर पर प्रो. एम.एम. सुफियान बेग (प्रिंसिपल, जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी), दिवंगत प्रोफेसर शमीम अहमद के परिवार के सदस्य और सेवानिवृत्त फैकल्टी सदस्य भी उपस्थित रहे।


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भारत में वन्यजीव प्रबंधन पर वेबिनार


अलीगढ़, 8 अक्टूबरः अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइल्डलाइफ साइंसेज विभाग द्वारा ‘भारत में वन्यजीव प्रबंधनः वर्तमान परिप्रेक्ष्य और चुनौतियां’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार में विशेषज्ञों और शिक्षकों ने लुप्तप्राय और खतरे में पड़ी प्रजातियों और उप-प्रजातियों और उनके आवासों की रक्षा के लिए वन्यजीव संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श किया।


प्रोफेसर जमाल ए खान (अध्यक्ष, वन्यजीव विज्ञान विभाग) ने कहा कि आज जब देश आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, सरकार वन्यजीव आबादी के प्रबंधन, सुरक्षा और वृद्धि के लिए ठोस कदम उठा रही है। संकटग्रस्त और लुप्तप्राय प्रजातियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पारिस्थितिक तंत्र में पूर्ण सुधार के लिए मार्ग तैयार करने के लिए प्रत्येक प्रजाति के प्रबंधन के लिए अलग-अलग रणनीतियां विकसित की गई हैं।


उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ने बड़ी संख्या में संरक्षण भंडार स्थापित किए हैं और मानव-वन्यजीव संघर्ष के समाधान के लिए वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एक प्रभावी कानूनी ढांचा भी बनाया है।


डॉ के शंकर (पूर्व निदेशक, सालिम अली सेंटर फॉर ऑर्निथोलॉजी एंड नेचुरल हिस्ट्री, कोयम्बटूर, तमिलनाडु) ने ‘प्रबंधन उपकरण के रूप में लुप्तप्राय प्रजातियों का पुनरुत्पादनः सरिस्का टाइगर पुनरुत्पादन कार्यक्रम का एक केस स्टडी’ पर बात की; डॉ रोहित चौधरी (वन्यजीव विज्ञान विभाग, वानिकी कॉलेज, नवसारी कृषि विश्वविद्यालय) ने ‘कैमरा ट्रैप टेक्नोलॉजीः वन्यजीव प्रबंधन के लिए एक उपकरण और वरदान’ पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. शरद कुमार (वन्यजीव विज्ञान विभाग, एएमयू) ने ‘स्थानीय समुदाय और वन्यजीव प्रबंधन में उनकी भूमिका’ को चित्रित किया; डॉ संदीप कुमार (आईएफएस, पूर्व डीसीएफ, वन्यजीव, गिर राष्ट्रीय उद्यान) ने ‘ग्रेटर गिर में शेर जनसंख्या प्रबंधन’ पर चर्चा की; डॉ सतीश कुमार (वन्यजीव विज्ञान विभाग, एएमयू) ने ‘वन्यजीव प्रबंधन में रेडियो-टेलीमेट्री की भूमिका’ के बारे में बात की; डॉ एम शाह हुसैन (प्रभारी वैज्ञानिक, अरावली और नीला हौज जैव विविधता पार्क) ने ‘वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन में जैव विविधता पार्क की भूमिका’ पर बात की; डॉ जेहरा ने ‘गिर लैंडस्केप में बड़े मांसाहारियों के विशेष संदर्भ के साथ मानव-पशु संघर्ष’ के बारे में बात की और डॉ कलीम अहमद (वन्यजीव विज्ञान विभाग, एएमयू) ने ‘लुप्तप्राय प्रजाति प्रबंधन’ पर विचार साझा किए।


डॉ नाजनीन ज़हरा ने परिचयात्मक टिप्पणी दी और पूजा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। कार्यक्रम का संचालन निशात व अलीना ने किया।वेबिनार में देश-विदेश से कुल 500 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

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