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'मेरे दैनिक जीवन में आयुर्वेद की उपयोगिता' विषय पर हुई प्रतियोगिता, रचित सिंह चौहान रहे प्रथम



अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ|
प्रदेश सरकार के निर्देश के क्रम में और जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह के मार्ग निर्देशन में 23 अक्टूबर से मनाए जा रहे सप्तम् आयुर्वेद दिवस के अर्न्तगत ‘‘हर दिन हर घर आयुर्वेद‘‘ कार्यक्रम के तहत सोमवार को मंडल स्तरीय भाषण प्रतियोगिता का आयोजन विकास भवन के सभागार में किया गया। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के उद््देश्य से ’’मेरे दैनिक जीवन में आयुर्वेद की उपयोगिता’’ विषय पर स्कूली बच्चों द्वारा प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया गया।


       प्रतियोगिता का शुभारम्भ परियोजना निदेशक डीआरडीए भालचंद्र त्रिपाठी एवं क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा0 नरेन्द्र कुमार द्वारा भगवान धनवन्तरी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्रतियोगिता के निर्णायक मण्डल के रूप में प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ट आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी/चिकित्सा अधीक्षक एवं क्षेत्र के एक गणमान्य नागरिक समेत तीन व्यक्ति सम्मिलित रहे जिनके समक्ष स्कूली बच्चों ने अपने भाषण प्रस्तुत किये।


        रचित सिंह चौहान केंद्रीय विद्यालय स्कूल अलीगढ़ के द्वारा आयुर्वेदिक के संबंध में बताया गया कि जन्म से लेकर मृत्यु तक आयुर्वेद चीजों का उपयोग करते हैं, जैसे जब हम जन्म लेते हैं तो सबसे पहले हमें शहद खिलाया जाता है, यही तो आयुर्वेद है। नीम के पेड़ के नीचे सोने से ही खाज खुजली आदि रोगों से मुक्ति मिल जाती है। आयुर्वेद का विकास विभिन्न वेदों के मंत्रों से हुआ है।


                कु0 रिची गुप्ता द्वारा एसजेएस पब्लिक स्कूल कासगंज द्वारा भाषण प्रतियोगिता में आयुर्वेद को लेकर कहा गया कि आयुर्वेद आज का ही उपचार नहीं वरन बरसों पुराना है। महा ग्रंथ रामचरितमानस में एक दृश्य याद दिलाते हुए कहा कि जब लक्ष्मण जी के प्राण बचाए गए थे तो उन्हें संजीवनी बूटी खिलाई गई थी, वह क्या था बही आयुर्वेद से उपचार था।

      कु0 तुलसी राम बाल भारती इंटर कॉलेज एटा के द्वारा आयुर्वेद के बारे में बताया गया कि आयुर्वेदिक कहता है कि भोजन धरती पर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम उस देश के वासी हैं कि हल्दी को हर रोग का उपचार माना जाता है और आयुर्वेद को वरदान माना जाता है। इसी प्रकार से आयुर्वेद के बारे में विभिन्न विभिन्न गुण बताए गए।

        इसी प्रकार हुए कु0 अंजनी कोनिया पीबीएएस इंटर कॉलेज हाथरस, कु0 साधना वार्ष्णेय रामचंद्र इंटर कॉलेज हाथरस, कु0 पलक स्वामी श्री गणेश इंटर कॉलेज अलीगढ़, कु0 सानिया राजकीय बालिका इंटर कॉलेज एटा, कु0 तनु गुप्ता कासगंज, कु0 रिया कुमारी चंपा इंटर कॉलेज, कु0 अनन्या जैन ने भी आयुर्वेद के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

इन्होंने जीती प्रतियोगिता

प्रथम पुरस्कार के रूप में 11000/- रचित सिंह चौहान,

द्वितीय पुरस्कार 5100/- रिची गुप्ता,

तृतीय पुरस्कार 2100/- तुलसी

 सांत्वना पुरस्कार 1100/- पलक स्वामी और सानिया को दिया गया।


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