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किसानों को दिया दीपावली का तोहफा| खाते में पहुॅची प्रति किसान 2000 रूपये की धनराशि


अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ| मा0 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सोमवार को देशभर के करोड़ों किसानों के खातों में प्रति किसान 2000 रूपये भेजे हैं। दीपावली से पहले केन्द्र सरकार द्वारा की गयी धन वर्षा से किसान काफी प्रफुल्लित हैं। किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली यह 12वीं किश्त है, जिसे दिल्ली में आयोजित किसान सम्मेलन के माध्यम से भेजा गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा, नई दिल्ली में आयोजित किसान सम्मेलन का सजीव प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र छेरत में एलईडी के माध्यम से किया गया।


          प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत केन्द्र सरकार तीन किश्तों में कुल 6000 रूपये देती है। यह राशि प्रति किसान 2000 रूपये हर चार माह में एक बार प्राप्त होती है। पैसा सीधे लाभार्थी किसान के बैंक खाते में दिया जाता है। किसान सम्मेलन में मा0 प्रधानमंत्री जी ने 600 किसान समृद्धि केन्द्रों, जन उर्वरक परियोजना, कृषि स्टार्टअप सम्मेलन और प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मा0 प्रधानमंत्री जी ने कहा कि नई तकनीक से देश के किसानों को हर तरफ से लाभ प्राप्त हो रहा है, इसका सीधा उदाहरण पीएम किसान सम्मान निधि योजना है। इसके अलावा ई-नाम योजना के जरिये किसान अपनी फसल को कहीं भी बेच सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसान समृद्धि केन्द्र किसानों के लिये वन स्टॉप सेन्टर का कार्य करेंगे। इस दौरान उन्होंने भारत यूरिया बैग ब्राण्ड नाम से किसानों के लिये एक राष्ट्र-एक उर्वरक नामक योजना लॉच की।


          मा0 सांसद श्री सतीश गौतम की अध्यक्षता में जनपद के कृषि विज्ञान केन्द्र छेरत में सैकड़ों किसानों के साथ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा गया। श्री गौतम ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को खाद-बीज लेने में काफी आसानी हुई है। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार किसानों की आय को दोगुनी करने के लिये हरसम्भव प्रयास कर रही है। मा0 प्रधानमंत्री जी का किसान सम्मेलन के माध्यम से किसानों के साथ जुड़ना उनकी किसानों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।


          कृषि विज्ञान केन्द्र छेरत के प्रधान व वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 अशोक कुमार ने बताया कि सरकार की प्रतिबद्धता एवं विभागीय कार्यकुशलता के चलते किसानों में जैविक एवं प्राकृतिक खेती की तरफ रूझान बढ़ा है। रासायनिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ी है, नेनो यूरिया के इस्तेमाल में देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा, नई दिल्ली में जनपद से दो बसांे के माध्यम से 100 से अधिक किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया है। इस अवसर पर धौर्रामाफी, छेरत, सिकन्दरपुर, मंजूरगढ़ी, सियाखास क्षेत्र से किसान अमर पाल, राजकिशोर, हरि सिंह, घनश्याम, रघुवीर सिंह, रमेश चौधरी, ओम प्रकाश, बाबूलाल, उमेश चौहान, मुन्शी, इलियास खान, मो0 दानिश, अरूण चन्द्र, गौरव चौहान, मुकेश, लालू पण्डित, संजय शर्मा, वेदप्रकाश, उमेश उपाध्याय, विशाल चौहान ने उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा।

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