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10 फरवरी से अभियान चलाकर 01-19 वर्ष तक के बच्चों को खिलाई जाएगी एल्वेंडाजोल, पढ़िए क्यों?

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*डीएम की अध्यक्षता में कृमि मुक्ति कार्यक्रम के सफल क्रियान्वन के लिये बैठक सम्पन्न*

*सभी स्कूलों में लक्षित आयुवर्ग के सभी बच्चों को गोली खिलाना सुनिश्चित किया जाए*

अलीगढ़ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ 25 जनवरी 2023 (सू0वि0) जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में कृमि मुक्ति कार्यक्रम के सफल क्रियान्वन के लिये बैठक का आयोजन किया गया। डीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार के अथक प्रयासों एवं जागरूकता कार्यक्रमों केे चलते संक्रामक रोगों के प्रसार में कमी आई है, लेकिन अभी भी काफी कार्य करने की आवश्यकता है। पेट के कीड़े मनुष्य की आंत में रहते हैं और जीवित रहने के लिये मानव शरीर के जरूरी पोषक तत्वों को खाते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि लक्षित आयु वर्ग को शत-प्रतिशत एल्वेंडाजोल की गोली खिलाई जाए। 

जिलाधिकारी ने डीआईओएस एवं बीएसए को निर्देशित किया कि सभी सरकारी, गैरसरकारी, निजी विद्यालयों में सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से एल्वेंडाजोल खिलाई जाए। जनपद में कोई भी बच्चा एल्बेंडाजोल की दवा खाने से छूटने ना पाए, इसे कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए। मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 नीरज त्यागी ने बताया कि विगत अभियान में 95 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की थी। इस बार पूरी कोशिश रहेगी कि लक्षित समूह को शत-प्रतिशत आच्छादित किया जाए। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी से आयोजित हो रहे अभियान में 01 वर्ष से 19 वर्ष तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली सम्बन्धित द्वारा अपनी उपस्थिति में खिलाई जाएगी। गोली का स्वाद चाइल्ड फ्रेंडली है और इसके कोई दुष्परिणाम भी नहीं है।


*पेट के कीड़े पहचानें:*

मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि पेट में तीन प्रकार के हुक वर्म, व्हिप वर्म और राउण्ड वर्म हो जाते हैं, जिसके संक्रमण से दश्त, पेट में दर्द, कमजोरी, उल्टी और भूख नहीं लगती है। पेट में कीड़ों की मात्रा जितनी ज्यादी होगी, संक्रमित व्यक्ति के लक्षण उतने ही अधिक होंगे। हल्के संक्रमण वाले बच्चों में आमतौर पर लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। एल्वेंडाजोल गोली के दुष्परिणाम न होने के कारण वर्ष में 02 बार अवश्य खा लेना चाहिये। 


*संक्रमण से बचाव के तरीके:*

अपने हाथ साबुन से धोए, विशेषकर खाने से पहले और शौच के बाद। नाखून साफ और छोटे रखें। हमेशा साफ पानी पियें। खाने को सदैव ढ़ककर रखें। साफ पानी में फल व सब्जियां धोएं। घर के आस-पास साफ-सफाई रखें। खुले में शौच न जाएं। शौचालय का प्रयोग करें। 

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