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किशोरी के पिता ने पुलिस पर खुद तहरीर लिखकर मुकदमा लिखने का लगाया आरोप

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अपहृत किशोरी को डेढ़ माह बाद भी नहीं तलाश सकी पुलिस

अलीगढ़ मीडिया डॉट कॉम, हरदुआगंज : थाना क्षेत्र के गांव में बीते माह बाल विवाह रोकने पहुंची पुलिस समक्ष किशोरी का पिता बेटी की अस्मत व मान मर्यादा का खतरा बताकर गुहार लगा रहा था। उस वक्त पुलिस नियमों को हवाला देकर विवाह न करने की हिदायत देकर लौट गई थी। वहीं चंद दिन बाद ही किशोरी का दुकान से सामान लेने जाने वक्त अपहरण हो गया। अब घटना को डेढ़ माह से अधिक समय बीतने के बाद भी पुलिस किशोरी को नहीं तलाश सकी।

मामला साधुआश्रम हल्का क्षेत्र के गांव का है। यहां से नौ अप्रैल की शाम को 14 वर्षीय किशोरी का अपहरण हो गया था। पिता के मुताबिक गांव के ही दबंग बाबी का भांजा बेटी पर बुरी नजर रखता था, जो उठाकर ले जाने की धमकी दे चुका था। उनसे किशोरी को बचाने के लिए पिता ने मार्च महीने में उसकी शादी करनी चाही तो बाल विवाह की शिकायत कर दी गई। पुलिस पहुंच गई और शादी रुकवा दी। नौ अप्रैल की शाम को दुकान से सामान लेने जा रही किशोरी को छोटी बेटी के सामने की दबंग बाइक पर बैठा ले गया था। मामले के तहरीर लेकर पिता थाने पहुंचा तो उसे जांच करने की कहकर लौटा दिया गया। वहीं पुलिस ने15 अप्रैल को बोवी के भांजे मोहित निवासी छतरपुर जिला गाजियाबाद के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया। घटना को डेढ़ माह से अधिक समय बीतने पर भी पुलिस किशोरी को नहीं तलाश सकी।

तहरीर बदलने का आरोप

किशोर के पिता का कहना है कि उसकी बेटी को गांव का दबंग बाइक पर बैठाकर ले गया था, वह चार दिन तक खुद ही तलाशता रहा, 13 अप्रैल को दबंग घर लौटा तो उससे बेटी बावत पूछने मारपीट कर डाली, इसके बाद थाने में बेटी के ले जाने व मारपीट के आरोप की तहरीर दी थी, जिसपर पुलिस ने जांच करने की कहकर लौटा दिया था। आरोप है कि 15 अप्रैल को घर पहुंचे दारोगा खुद दूसरी तहरीर लेकर पहुंचे और अंगुठा लगवा लाए। जिसमें दबंग का नाम हटा दिया गया था तथा बॉबी के भांजे के विरूद्ध बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। कई बार थाने जाने पर बेटी को खोजने के एवज में खर्चा देने की बात कही गई, रिश्वत ना दे पाने पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई।

एक माह में नहीं आई सीडीआर’

किशोरी के पिता के मुताबिक बेटी को अपहरण कर ले जाने की घटना बिल्कुल साफ है पूरा गांव जानता है कि गांव का ही दबंग बेटी को ले गया है। मामले में विवेचक किशोरी के अपहरण के एक माह बाद तक तलाश करने की कार्रवाई शुरू करने को विवेचक सीडीआर तक नहीं ले सके थे। मामले में पीडि़त पिता एसएसपीए महिला आयोग व डीजीपी तक पत्राचार कर बेटी की बरामदगी की गुहार लगा चुका है। 

मामले में थाना प्रभारी से जब मीडियाकर्मी द्वारा फोन पर जानकारी की गई तो उन्होंने प्रकरण की जानकारी अधिनस्थों से करके जवाब देने की बात कह फोन काट दिया।

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