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इंग्राहम इंस्टिट्यूट की ज़मीन मे उग रही है जहरीली सब्जियाँ, लोगों को दिया जा रहा है धीमा ज़हर!, शिकायत

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अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ़। शहर का पुराना और प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान इंग्राहम इंस्टिट्यूट मैलरोज बाई पास मार्ग पर स्थित अपनी ख़ाली पड़ी भूमि पर वर्षों से सब्जियां और हरे चारे की खेती कर रहा है और सब्जियां और चारा ढकेल वालों को तथा छोटे व्यापारियों को बेचता आ रहा है, परंतु चिंताजनक बात यह है कि फ़सल उगाने में गंदे नाले का पानी सिंचाई के रूप में प्रयोग कर रहा है। यह सब्जियां बाजार से खरीद कर आम जनमानस द्वारा उपयोग की जाती हैं।

आज़ पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति के प्रबंधक सचिव रंजन राना ने अपने साथियों के साथ मैलरोज बाई पास मार्ग पर शैक्षणिक संस्थान की खेती का भ्रमण किया और सच्चाई जानने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि शैक्षणिक संस्थान इंग्राहम इंस्टिट्यूट के प्रबंधन तंत्र के पास पैसों की कोई कमी नहीं है, लेकिन मैनेजमेंट में बैठे लोग एक नलकूप की व्यवस्था नहीं कर रहे हैं और आंखों पर पट्टी बांध कर आम जनमानस के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता रंजन राना ने अचरज प्रकट करते हुए कहा कि इंग्राहम इंस्टिट्यूट वर्षों से दूषित पानी का उपयोग सिंचाई  के रूप में अपनी खेती-बाड़ी में कर रहा है और किसी सरकारी विभाग द्वारा इस पर आपत्ति नहीं उठाई गई और शैक्षणिक संस्थान के प्रबंधन तंत्र के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही नहीं की गई, जबकि यह कार्यप्रणाली वर्षों से जारी है।

रंजन राना ने कहा कि आम आदमी जो सब्जियां बाजार से खरीद कर घर लाकर उपयोग कर रहा है यह वास्तव में धीमा जहर है और इन सब्जियों को खाने से अनेकों प्रकार के चर्मरोग व अन्य गम्भीर बीमारियां से ग्रसित हो सकता है। वहीं इस मामले पर आरोपित संस्थान के प्रतिनिधि से सम्पर्क करने की कोशिश की तो संपर्क नहीं हो सका|

पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता रंजन राना ने जनसुनवाई पोर्टल पर शैक्षणिक संस्थान इंग्राहम इंस्टिट्यूट की शिकायत उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ज्ञानसरोवर कालोनी रामघाट रोड अलीगढ़ को दर्ज कराई है। इस अवसर पर संजय खत्री, रितिश यादव, जितेन्द्र शर्मा उपस्थित रहे।
 

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