जनता से वित्तपोषित, UPI, PhonePe, और PayTM: 9219129243

हरदुआगंज| थाने की दीवार से हल्का व वीट विवरण रजिस्टर गायब, चौकी प्रभारियों की खोज में भटक रहे फरियादी

0


अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, हरदुआगंज| सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के सीधे निर्देश है कि थाने में शिकायत लेकर आने वाले फरियादियों को तत्काल पुलिस की मदद मिले। गत वर्ष पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने थाने व चौकियों पर तैनात हल्का इंचार्ज व वीट सिपाही तक पीड़ितों द्वारा आसानी से संपर्क साधने को थाने से लेकर चौकी तक वीट विवरण की सूची लगाना अनिवार्य किया था। मगर हरदुआगंज थानेदार के लिए एसएसपी के ये आदेश नाकाफी साबित हुए।


सफाई के साथ वीट विवरण चार्ट भी साफ

हरदुआगंज थाना क्षेत्र पांच चौकियों 1: हरदुआगंज चौकी 2: तालानगरी चौकी 3: साधु आश्रम चौकी 4: बुढासी चौकी व 5 : जलाली चौकी में बंटा है। इन चौकियों पर हल्का दरोगा व वीट इंचार्च सिपाही तैनात है। फरियादी किसी संकट व आपातकाल स्थिति में चौकी व वीट इंचार्च तक आसानी से संपर्क साधकर समस्या साझा कर सके इसके लिए एसएसपी के आदेश के बाद बीते साल हरदुआगंज थाने में बरामदे की दीवार पर भी हल्का/वीट विवरण बोर्ड लगवाया गया था जिस पर थानाध्यक्ष के नंबर के साथ पांचों चौकियों पर तैनात दारोगा व वीट सिपाहियों के नाम व मोबाइल नंबर दर्ज थे। थाने आने वाला फरियादी बोर्ड से नंबर लेकर आसानी से संपर्क साध लेता था। मगर छह माह पूर्व थाने की सफाई के दौरान इस बोर्ड को भी यहां से साफ कर दिया गया था। इसके बाद नया बोर्ड नहीं लगाया जा सका। ऐसे में थाने आने वाले पीड़ित चौकी इंचार्ज व सिपाहियों का नाम नम्बर पूछते हुए घूमते हैं, जो या तो फटकार कर भगा दिए जाते हैं या दलालों के हत्थे चढ़ जाते है।

अवैध कारोबार के साथ दलाल सक्रिय :

थाना क्षेत्र में इन दिनों अवैध होटलों में देहव्यापार की गतिविधि, अवैध मिट्टी खनन, जबरन फाइनेन्स उगाही, जुआ- सट्टा जैसे कई अनैतिक कारोबार खुलेआम फलफूल रहा है। बीते कई माह में चोरी व लूट की वारदातों में  रिकॉर्ड  टूट  चुके हैं। अब नए स्टाफ की तैनाती के साथ दलालों की सक्रियता बढ़ी है।

गौरतलब है कि  बीते माह  थाने के लगभग सभी दरोगा/सिपाहियों के तबादला हो चुका है, नए आए दरोगा वीट सिपाहियों के नामों का नोटिस बोर्ड ना लगा होना दलालों की सक्रियता बढ़ा रहे हैं।

ऐसे होते है शिकार

किसी घटना दुर्घटना अथवा मुकदमे के बाद विवेचक दरोगा को खोजने आते फरियादी थाने में नाम व नंबर पूछते भटकते हैं और मायूस होकर लौट जाते हैं, कई कई दिन चक्कर लगाने के बाद फरियादी थाने पर अक्सर मंडराते देखे जाते किसी कथित जनप्रतिनिधि का सहयोग मांगने पर विवश होते हैं और मदद दिलाते के नाम पर वसूली के शिकार हो जाते हैं। कई माह से ये खेल खुलेआम जारी है।

छोटे चार्ट पर रौब गांठ रहे स्तानन्तरित दरोगा/सिपाही

थाने के मुंशी कक्ष में हल्का व वीट सिपाहियों की सूची लगी है जो महीनों से अपडेट नहीं की गई है, तबादला पाए कई दरोगा व सिपाहियों के इस सूची में आज भी दर्ज है। जो फरियादियों की टेंशन बढ़ा रहे हैं।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)