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विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित करने के विरोध में विरोध प्रदर्शन

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अलीगढ मीडिया डॉट कॉम, अलीगढ|संसद के शीतकालीन सत्र में अबतक लगभग 150 से ज्यादा विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित करने के विरोध में आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमैटी के आह्वान पर पूरे देश में कांग्रेसजनों का भारी विरोध प्रदर्शन हुआ है I इसी क्रम में आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमैटी के हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रभारी विवेक बंसल के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने घंटाघर स्थित डा० भीमराव अम्बेडकर पार्क में काली पट्टी बांधकर मौन व्रत रखकर धरना दिया| कांग्रेसजन सांसदों के निलंबन विरोधी व सरकार के लोकतंत्र विरोधी स्लोगन लिखी हुई तख्तियां हाथों में लेकर धरने पर बैठे| धरना समाप्ति के उपरान्त विवेक बंसल ने कांग्रेसजनों को संबोधित करते हुए कहा कि संसद की सुरक्षा में हुई सेंधमारी पर जब कांग्रेस पार्टी के सांसदों व अन्य विपक्षी पार्टी के सांसदों ने प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह से लोकसभा और राज्यसभा में वक्तव्य देने की मांग की तो सरकार के इशारे पर लोकसभा अध्यक्ष व राज्यसभा के सभापति जी ने प्रधानमन्त्री और गृहमंत्री का बचाव करते हुए दोनों सदनों के लगभग 150 से ज्यादा सांसदों को निलंबित कर दिया| इतनी  भारी संख्या में सांसदों का निलंबन देश के संसदीय इतिहास में एक नया अध्याय है I जिन लोगों ने संसद की सुरक्षा में सेंद लगाईं वे लोग भाजपा सांसद की संस्तुति पर बने प्रवेश पास द्वारा सदन में घुसे थे इससे ये साफ़ ज़ाहिर होता है कि संसद की सुरक्षा में चूक का मामला भाजपा सरकार उसके प्रधानमन्त्री, गृहमंत्री के दिमाग़ की उपज है और सरकार इस स्थिति से बचने के लिए विपक्षी सांसदों के प्रति दमनकारी नीति अपना रही है|

 सरकार की इस नीति के पीछे सिर्फ और सिर्फ अपने विरोध में उठने वाले हर सिर को कुचलने की मंशा है, देश की वर्तमान भाजपा सरकार पूर्ण रूप से तानाशाही पूर्ण रवैया अपना रही है| संसद के बाहर कोई भी व्यक्ति सरकार के विरुद्ध आवाज़ उठाता है तो उसके पीछे ई.डी और सी.बी.आई को लगा दिया जाता है और संसद में अपने विरोध में उठने वाली हर आवाज़ को निलंबन के ज़रिये दबाने की कोशिश की जाती है| ये सरकार संवेधानिक पदों पर बैठे सम्मानित लोगों व सरकारी एजेंसियों का खुलकर दुरूपयोग कर रही है ये स्थिति देश के स्वस्थ लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है| क्योंकि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी ने लोकतंत्र और सामजिक हितों को देखते हुए जिस संविधान को बनाया था ये भाजपा की तानाशाही सरकार उस संविधान को तार तार कर रही है| हमें आज सरकार के इन मंसूबों को विफ़ल करने के लिए देश की जनता के बीच वास्तविकता रखने के लिए जाना होगा|

 धरने पर उपस्थित प्रमुख कांग्रेसजनों में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष नौशाद कुरैशी, वरिष्ठ कांग्रेसी सरदार दलजीत सिंह, पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष शाहरुख़ खान, सुशील गुप्ता, गया प्रसाद गिर्राज, साबिर अहमद, ज़ियाउद्दीन राही, अनिल सिंह चौहान, मोहम्मद असलम कुरैशी, अयाज़ कुरैशी, कफ़ील अहमद खान, ओमप्रकाश जी, डा० राकेश सारस्वत, अविनाश शर्मा, आनंद बघेल, बाबू खान, कृष्णकांत सिंह, नीतेश कुमार, उजैर दिलशाद, रहीस ग़ाज़ी, शशिकांत वार्ष्णेय, साजिद बेग, कालीचरन माहौर, सत्यदेव बघेल, हेमेन्द्र पाल सिंह, नमो कुमार बब्बू, अरविन्द शर्मा, मुकीम पठान, यामीन खान मेव, शिव सिंह नागर, चाँद खां, लियाक़त अली, सुनील कुमार जाटव, संतोष मिश्रा, बिहारीलाल सैनी, संतोष नौटियाल, एजाज़ अल्वी, कल्लू नेताजी, अतर सिंह, अजय धनगर, पिंकू बघेल, मोहम्मद मुजीब, बाबू रेयान, प्रेमपाल सैनी, इमरान रफ़ीक, अर्जुन सिंह दिवाकर, अकील अहमद, काशिफ़ कुरैशी, मोहम्मद शाहिद, जोज़फ़ जॉन, विजय कुमार, नदीम खान, कय्यूम अली, आदि के साथ अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित थे|

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