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नमो केंद्र के नवीन प्रकाशन, ‘संवैधानिक यात्रा: 2014-2024 का एक सिंहावलोकन’ का लोकार्पण समारोह!

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अलीगढ मीडिया डिजिटल, नई दिल्ली, 10 मई, 2024 - प्रतिष्ठित वैश्विक शोध थिंक टैंक सेंटर फॉर नरेंद्र मोदी स्टडीज (नमो केंद्र) युवा प्रतिभा कानून द्वारा लिखित "कांस्टीट्यूशनल जर्नी: एन ओवरव्यू फ्रॉम 2014-2024" शीर्षक से अपना नया प्रकाशन जारी करने के लिए तैयार है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के विधिछात्र ऋषिराज सिंह और प्रिंस शुक्ला। सेंटर फॉर नरेंद्र मोदी स्टडीज (सीएनएमएस) के सहयोग से प्रज्ञा संस्थान द्वारा आयोजित यह पुस्तक विमोचन समारोह 12 मई, 2024 को प्रातः ११ बजे डिप्टी स्पीकर हॉल, कांस्टीट्यूशन क्लब, रफी मार्ग, नई दिल्ली में होने वाला है। उक्त आयोजन में भारत के कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल जी प्रज्ञा संस्थान और नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र के पुस्तक विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। 


इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुभवी और सुधी पत्रकार तथा आईजीएनसीए के अध्यक्ष श्री रामबहादुर राय करेंगे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में अधिवक्ता परिषद के संगठन मंत्री श्री हरि बोरिकर शामिल होंगे। इनके अतिरिक्त, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और संवैधानिक कानून विशेषज्ञ श्री गोविंद गोयल, बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री मनन मिश्रा  सम्मानित विशिष्ट अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में हमें गौरवान्वित करेंगे। 

इस आयोजन की  उल्लासपूर्ण योजना में, सेंटर फॉर नरेंद्र मोदी स्टडीज के सभापति प्रोफेसर जसीम मोहम्मद ने एक विचारोत्तेजक पुस्तक तैयार करने में उसके  उल्लेखनीय प्रयास के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि विभाग के छात्र दो युवा लेखकों की हार्दिक सराहना की, जो नरेंद्र मोदी के शासनकाल के प्रति विद्वतापूर्ण अन्वेषण में महत्वपूर्ण अध्याय बहुत गहराई के साथ जोड़ती है। विचारणीय है कि "नरेंद्र मोदी अध्ययन केंद्र” बहुमुखी अध्ययन के क्षेत्र में अकादमिक उत्कृष्टता की खोज के लिए समर्पित है। हम ठोस-प्रामाणिक अनुसंधान और बौद्धिक प्रवचन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए विद्वानों के कार्यों को प्रकाशित करते हैं। हमारा लक्ष्य अकादमिक जगत में एक ऐसा वातावरण विकसित करना है, जहाँ युवा विद्वान् ज्ञान के क्षेत्र में विशाल अन्वेषण और बहुविध योगदान करने के लिए स्वयं को सक्षम और समर्थ  हमारा लक्ष्य बड़े पैमाने पर शैक्षणिक समुदाय और समाज को नवीन विचारों और दृष्टिकोणों से समृद्ध करना है।" 


प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि यह पुस्तक सन् 2014 से 2024 ई. की अवधि के दौरान भारत में संवैधानिक विकास का एक व्यापक अवलोकन प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक इस समयावधि में  उपलब्धि के रूप में हासिल किए गए विभिन्न महत्वपूर्ण संशोधनों, सुधारों और मील का पत्थर कहे जानेवाले निर्णयों की पड़ताल करती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में किए गए परिवर्तनकारी विधायी उपायों पर प्रकाश डालती है।


उन्होंने आगे कहा, "यह विद्वानों, नीति निर्माताओं और इस महत्वपूर्ण दशक के दौरान भारत की संवैधानिक यात्रा को समझने में रुचि रखनेवाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक मूल्यवान और प्रामाणिक माध्यम-स्रोत है।" 


प्रज्ञा संथान के सचिव राकेश सिंह ने कहा, "अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद पुस्तक लोकार्पण समारोह में अपनी उपस्थिति की पुष्टि और स्वीकृति प्रदान करने के लिए माननीय कानून एवं न्याय केन्द्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल के बहुत आभारी हैं।"

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