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आधी-अधूरी जानकारी एवं संतोषजनक जवाब न देने पर एक्सईएन आरईडी से माँगा स्पष्टीकरण

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मण्डलायुक्त ने कर करेत्तर, राजस्व एवं विकास व निर्माण कार्यों की समीक्षा की

अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ : मण्डलायुक्त अलीगढ़ चैत्रा वी. की अध्यक्षता में कर-करेत्तर, राजस्व वसूली, शासन की सर्वाेच्च विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों व निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। आयुक्त, अलीगढ़ मण्डल, अलीगढ़ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों के लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करते हुए जनसामान्य को लाभान्वित करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी शासन की विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दें। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष अपने विभाग के कार्यों की स्वयं समीक्षा करें एवं प्रगति में सुधार लाएं।

मण्डलायुक्त ने शासन की विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की विभागवार एवं योजनावार समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अन्तर्गत चिकित्सकों, दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, टीकाकरण, समाज कल्याण के अन्तर्गत छात्रवृत्ति योजना एवं वितरण समेत सभी प्रकार की स्कॉलरशिप एवं पेंशन स्कीम में सत्यापन आरंभ करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, पेंशन योजना में भौतिक एवं वित्तीय स्थिति, दिव्यांगजन सशक्तीकरण पेंशन, प्रोबेशन विभाग की योजनाओं, ग्राम्य विकास के अन्तर्गत मुख्यमंत्री समग्र ग्राम विकास योजना अवस्थापना सुविधाएं, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन, महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन, खाद्य एवं रसद के अन्तर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न वितरण की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभाग की योजनाओं के लक्ष्यों को समय से पूर्ण करें। 

कमिश्नर चैत्रा वी. ने रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, ग्रामों का ऊर्जीकरण, ट्रान्सफार्मर का प्रतिस्थापन, कृषि विभाग के अन्तर्गत खाद व बीज की उपलब्धता एवं वितरण, ग्राम विकास के अन्तर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं शहरी, बाल विकास एवं पुष्टाहार की योजनाओं की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि जन कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों से लाभांवित लाभार्थियों का सत्यापन कराते हुए सुनिश्चित कराएं कि पात्र एवं जरूरतमंद को ही लाभ प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने आईजीआरएस, मुख्यमंत्री पोर्टल, जनता दर्शन एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का भी समय सीमा के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने एवं शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित सभी योजनाओं में विशेष प्रयास कर रैंकिंग में सुधार लाएं। जिन विभागों की रैंकिंग खराब होगी उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गतिमान परियोजनाओं को मानक व गुणवत्तापूर्ण ढंग से समयबद्धता के साथ पूर्ण करते हुए हैंड ओवर किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य एवं परियोजनाएं जो पूर्ण हो गईं हैं, उनकी सूची तैयार कर डीएम को उपलब्ध कराई जाए ताकि उसका समय से लोकार्पण कराया जा सके। 

  वृहद वृक्षारोपण की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसे स्थान जहाँ सुरक्षा और पानी के साधन उपलब्ध हों, प्राथमिकता से चिन्हित कर पौधरोपण कराया जाए। डीएफओ ने बताया कि जिले में 41 लाख 81 हजार पौधरोपण के सापेक्ष पर्याप्त संख्या में फलदार, छायादार, जंगली एवं औषधीय पौध उपलब्ध है। मण्डलायुक्त ने कहा कि जनप्रतिनिधियों एवं जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए वृहद वृक्षारोपण कराया जाए। मण्डलायुक्त ने सोलर सूर्य घर योजना का प्रचार प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में मधुमक्खी पालन की असीम संभावनाएं हैं, इस बारे में सार्थक प्रयास कर जरूरतमंदों को लाभ दिलाया जाए। विद्युत आपूर्ति एवं ट्रांसफ़सर प्रतिस्थापन की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने प्रतिदिन की सूचना जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित आरसी की वसूली एवं विद्युत बोर्ड में लंबित वादों का निस्तारण कराया जाए। 

      लाभार्थीपरक योजनाओं की समीक्षा में मण्डलायुक्त ने कहा कि हर विभाग शीर्ष दस में रहने के लिए सकारात्मक ढंग से कार्ययोजना तैयार कर धरातल पर कार्य करे। आवास योजना के लाभार्थियों को सभी घटकों का लाभ दिलाया जाए। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालय निर्माण कार्य पूरे होने पर हैंडओवर किए जाने के लिए सीडीओ को समिति गठित करने के निर्देश दिए। बैठक में पूरी तैयारी के साथ उपस्थित न होने एवं संतोषजनक उत्तर न देने पर अधिशासी अभियंता आरईडी अनिल कुमार का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलास्तरीय समन्वय बैठक में सभी समस्याओं का समाधान कराया जाए। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सभी कार्यदायी संस्थाएं सुनिश्चित करें कि 3 माह के भीतर पूरी होने वाली निर्माण परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा कराते हुए इन्वेंट्री दे दें, ताकि उनका लोकार्पण समय से कराया जा सके। निजी एवं शासकीय एम्बुलेंस की परिवहन विभाग द्वारा जांच कराई जाए। अस्पताल आए प्रत्येक मरीज का समुचित इलाज किया जाए। डीपीआरओ ने बताया कि सभी 852 ग्राम पंचायतों में निचले स्तर की योजनाओं की ग्राम प्रधान एवं सचिव स्तर पर समीक्षा की जा रही है। जिले में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 81 ग्राम पंचायतों का चयन कर स्वच्छ्ता ऑडिट करते हुए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करते हुए स्वच्छता शुल्क भी लिया जा रहा है। पर्यटन विभाग में 4 योजनाओं का संचालन किया जाना बताया गया। एमडीएम की गुणवत्ता की जांच खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कराई जाए। सीवीओ को निर्देशित किया गया कि छुट्टा जानवर सड़कों पर घूमता न पाया जाए। आकस्मिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। कन्या सुमंगला योजना में डीपीओ को सत्यापन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गये। 

मण्डलायुक्त द्वारा 50 लाख से अधिक लागत वाली परियोजनाओं में राजकीय निर्माण निगम, सीएनडीएस, जल निगम, यूपीपीसीएल, सिडको, आवास विकास, लोनिवि प्रांतीय खण्ड, निर्माण खण्ड, सेतु निगम, जल निगम नगरीय, यूपी आरएनएसएस, पुलिस आवास निगम के कार्यों के साथ ही सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने कहा कि इस बैठक का मकसद अंतर्विभागीय समन्वय को बढ़ाना है। कई बार देखने को मिलता है कि अधिकारियों के मध्य विभागीय समन्वय की कमी होने के कारण सभी प्रकार के संसाधन होने के बाद भी परियोजना एवं कार्य समय से पूरे नहीं हो पाते हैं। लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ पात्र एवं जरूरतमंद को मिलना ही चाहिए, ये उस व्यक्ति का हक भी है। अंतर्विभागीय समन्वय के बिना आप कोई भी लक्ष्य हासिल नही कर सकते हैं। 

मण्डलायुक्त ने कर करेत्तर एवं राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए कहा कि विकास कार्यों के लिए राजस्व प्राप्तियां आवश्यक है। विभागीय अधिकारी आवंटित लक्ष्य को कम कराने का प्रयास न करते हुए लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने एसडीएम तहसीलदारों को निर्देशित किया कि 5 वर्ष के ऊपर के कोर्ट मामलों का निस्तारण कराएं। आईजीआरएस, तहसील दिवस के निस्तारण संतोषजनक सुष्पष्ट तथ्यों के आधार पर करें। ग्रेडिंग का ध्यान रखें। जमीन सबंधी मामलों, विवादों का निस्तारण में पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। 

बैठक में डीएम विशाख जी0, सीडीओ आकांक्षा राना, अपर आयुक्त कंचन शरण, संयुक्त विकास आयुक्त सर्वेश चंद, एडीएम वित्त मीनू राणा, एडीएम न्यायिक अखिलेश कुमार सहित सभी एसडीएम, मंडलीय एवं जिलास्तरीय अधिकारी और कार्यदायी एजेंसियों के प्रोजेक्ट मैनेजर्स व अधिशासी अभियंता मौजूद रहे।

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