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#Aligarh: जिले में दहेज प्रतिषेध अधिनियम के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक

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मेंरिज हॉल व गेस्ट हॉउस में जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी के मोबाइल नम्बर समेत अंकित की जाएगी आवश्यक जानकारी

अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ : महिला कल्याण विभाग द्वारा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अन्तर्गत जिले में महिलाओं एवं उनके परिवारों को दहेज प्रतिषेध अधिनियम के प्रति जागरूक किया जाना है। 

जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि दहेज प्रतिषेध अधिनियम में उल्लिखित है कि विवाह में पक्षकारों द्वारा उपहारों की सूची की सूची को प्रस्तुत करना-किसी विवाह में पक्षकारों या माता-पिता में से कोई या उनमें से किसी के द्वारा दहेज प्रतिषेध अधिकारी को विवाह की तिथि से एक माह के भीतर दहेज प्रतिषेध (वर वधू भेंट सूची) नियम, 1985 (डावरी प्राहिविशन, मेन्टेनेंस ऑफ लिस्ट्स) (प्रेजेंट टू दी ब्राइड एण्ड ब्राइडयूम) रूल्स, 1985 के अनुसार की गयी उपहारों की सूचना प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें दहेज की मांग से पीड़ित महिला, स्वयं उसके माता पिता, अन्य कोई रिश्तेदार या स्वयंसेवी संस्था जिला प्रोबेशन कार्यालय, कलेक्ट्रेट में शिकायत दर्ज करा सकता है। 


उन्होंने यह भी अवगत कराया है कि दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अन्तर्गत दहेज लेना या देना, दहेज के लिये उकसाना भी अपराध है। जिसके लिये पांच साल तक की कैद अथवा 15 हजार रूपये या दहेज की रकम जो भी अधिक हो जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से दहेज की मांग पर छः माह से दो साल तक की जेल है और 10 हजार रूपये का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि जिले में जनमानस को दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के प्राविधानों से जागरूक किये जाने के लिए मैरिज हॉल व गेस्ट हॉउस में जिला प्रोबेशन अधिकारी या जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी का नाम, पदनाम व मो0नं0 अंकित किया जायेगा। इसके साथ ही दहेज प्रतिषेध अधिनियम के प्राविधानों से जागरूक किये जाने एवं दहेज प्रथा से पीड़ित महिलाओं व परिवारों को सहायता प्रदान किये जाने के लिए 181 वूमेन हेल्पलाइन एवं सम्बन्धित पुलिस थाने से भी सम्पर्क किया जा सकता है।

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