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भारतीय परिधान में होगा मंविवि का दीक्षांत समारोह, अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान का दर्जा

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- चार जुलाई को होगा दीक्षांत समारोह, 2218 छात्रों को मिलेगी उपाधि

-मुख्य अतिथि होंगे भूतपूर्व सेनाध्यक्ष जनरल (डा.) विजय कुमार सिंह

अलीगढ मीडिया डिजिटल, अलीगढ। मंगलायतन विश्वविद्यालय शिक्षा और अनुसंधान में उत्कृष्टता व अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिए अपने शैक्षणिक जीवन के महत्वपूर्ण अध्याय को पूरा करने का एक गौरवमयी अवसर है। दीक्षांत समारोह में भारतीय परिधानों की झलक दिखाई देगी। जिसमें छात्र आॅफ व्हाइट कुर्ता, पजामा व छात्राएं आॅफ व्हाइट साड़ी या सलवार सूट में प्रतिभाग करेंगी। चार जुलाई को आयोजित होने वाले 10वें दीक्षांत समारोह के संबंध में प्रेस वार्ता का आयोजन करके जानकारी साझा की गई। समारोह के मुख्य अतिथि देश की सेना के भूतपूर्व अध्यक्ष जनरल (डा.) विजय कुमार सिंह होंगे। विशिष्ठ अतिथि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नइमा खातून होंगी। स्वामी श्री ऋषिराज महाराज जी का सानिध्य प्राप्त होगा। कार्यक्रम सुबह 10ः30 बजे से विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में होगा। अतिथि स्नातक व परास्नातक पाठ्यक्रम पूर्ण कर चुके विद्यार्थियों को पदक और उपाधि प्रदान करेंगे। दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं।

पत्रकारों से वार्ता करते हुए कुलपति प्रोफेसर पीके दशोरा ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 2218 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की जाएंगी। इनमें 11 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और 12 विद्यार्थियों को रजत पदक प्रदान किए जाएंगे। साथ ही 37 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी जाएगी। मंगलायतन विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति के पथ पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। हम उच्च कोटि की शिक्षा एवं विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास के लिए कृत संकल्पित है। इसका प्रमाण यह है कि हमें गत वर्ष राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से ‘ए प्लस’ ग्रेड मिला है। इसके साथ ही राष्ट्रीय आयोग अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान ने जैन



अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान का दर्जा प्रदान किया है, 

जोकि जैन अध्ययन के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।

मंविवि उच्च शिक्षा में नित नई ऊंचाइयों को छूते हुए शिक्षा एवं विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास के लिए कृत संकल्पित है। इसका उदाहरण यह है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस वर्ष अनूठी पहल की है। जिसमें धन के अभाव में जो बालिकाएं पढ़ नहीं पाती हैं ऐसी 350 छात्राओं को पांच करोड़ की छात्रवृति प्रदान की है। विश्वविद्यालय की उल्लेखनीय छात्र बृद्धि अभिभावकों व विद्यार्थियों के भरोसे और विश्वास को दर्शाती है। यहां विषय विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों के कौशल को बढ़ाने पर बल दिया जा रहा है। हमारे छात्रों ने न केवल शिक्षा में बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और व्यावसायिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से हमारे छात्र अनुशासन, दृढ़ निश्चय, प्रभावी संवाद जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशल विकसित करते हैं, जो उनके समग्र विकास और भविष्य की सफलता के लिए महत्वपूर्ण हैं। विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दूरस्थ शिक्षा (डिस्टेंस एजुकेशन), ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। आने वाले वर्ष में हम और नए शोध केंद्रों और प्रयोगशालाओं की स्थापना करेंगे। 

अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और सहयोग को बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे, जिससे हमारे विद्यार्थियों और शिक्षकों को वैश्विक प्रदर्शन और ज्ञान के आदान-प्रदान के अधिक अवसर मिलेंगे। कुलसचिव ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने विश्वविद्यालय की उपलब्धि के बारे में विवरण देते हुए छात्र कल्याण कार्यक्रमों की जानकारी दी। सभी उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों, उनके परिवारों को इस महत्वपूर्ण आयोजन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। संयुक्त कुलसचिव प्रो. दिनेश शर्मा ने नए पाठ्यक्रम बीएससी फॉरेंसिक साइंस व बीएससी फायर एंड सेफ्टी की विस्तार से जानकारी दी। वहीं उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह का लाइव प्रसारण विश्वविद्यालय के सोशल मीडिया पेज फेसबुक व यू-ट्यूब पर भी किया जाएगा। इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो. सिद्दी विरेशम, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष डा. संतोष कुमार गौतम, गोपाल राजपूत, मनीषा उपाध्याय, जितेंद्र यादव, योगेश कौशिक, मयंक जैन, वीर प्रताप सिंह, रोबिन वर्मा आदि 

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