#Road_Accident_Alert: 50 बेड से अधिक अस्पतालों की DM नें क़ी सघन समीक्षा, इमरजेंसी सेवाओं पर सख्त निर्देश

Aligarh Media Desk

सड़क दुर्घटनाग्रस्तों के इलाज में न हो कोई देर- जिलाधिरी

अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़: सड़क दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को त्वरित, निर्बाध एवं मानवीय उपचार उपलब्ध कराने के उद्देेश्य से जिलाधिकारी संजीव रंजन की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जिले के समस्त 50 बेड एवं उससे अधिक क्षमता वाले सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों की सघन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के इलाज में एक मिनट की देरी भी अस्वीकार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे मरीजों एवं उनके तीमारदारों को अस्पताल पहुंचते ही तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक औपचारिकता या टालमटोल न हो।


उन्होंने कहा कि दुर्घटनाग्रस्तों के प्रति अस्पतालों को विशेष संवेदनशीलता बरतनी होगी। इलाज के दौरान मरीज के साथ-साथ उनके परिजनों से भी शालीन एवं सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य सेवाएं केवल उपचार तक सीमित न रहें, बल्कि समयबद्ध जांच, दवाओं की उपलब्धता, स्वच्छ वातावरण और मानवीय दृष्टिकोण भी अनिवार्य है।


जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 नीरज त्यागी को निर्देशित किया कि सभी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे पूर्ण तत्परता के साथ संचालित रहें। सड़क दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही, देरी या शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि अस्पताल परिसरों में स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधा एवं पार्किंग जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित रहें, ताकि आपात स्थिति में मरीजों और तीमारदारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।


इसके साथ ही मरीजों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण, हेल्पडेस्क की प्रभावी कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था तथा अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर भी विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि जनहित सर्वाेपरि है और सड़क दुर्घटनाग्रस्त पीड़ितों के जीवन की रक्षा के लिए प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन को पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। बैठक में एसीएमओ, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं चिकित्सालयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।