हरदुआगंज| बिजली घर क़ी ज़मीन पर जबरन नगर पंचायत नें बना डाली दुकाने, पुलिस नें नहीं दर्ज क़ी शिकायत

Aligarh Media Desk

अलीगढ मीडिया डिजिटल, हरदुआगंज। पुलिस थाने के पीछे बने हरदुआगंज बिजली घर क़ी सरकारी संपत्ति पर नगर पंचायत नें जबरन कब्ज़ा करके दुकानों का निर्माण करा डाला लेक़िन बिजली महकामा सोता रहा | कस्बे के अंदर जाने वाले रास्ते पर दशकों से खाली पड़ी जमीन पर कुछ महीनों पहले नगर पंचायत ने 39 लाख की लागत से सात दुकानों के निर्माण का ठेका चहेती फर्म को दे दिया। नाली पाटकर सीमेंटेड सड़क बनाने का टेंडर भी जारी कर दिया। लेकिन बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सोते रहे|लेकिन जब बिजली घर के अंदर होकर "चेयरमेन में बेहद ख़ास" व्यक्ति के घर के लिए रास्ता निकाले जाने क़ी प्रक्रिया शुरू हुईं तों मामला बिगड़ गया| चहते के लिए नगर पंचायत के चेयरमैन बिजली विभाग से भिड़ने को तैयार हो गए| विद्युत विभाग ने जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए थाने तहरीर तक दी लेक़िन नेतागिरी पुलिस पर हाबी रही और अभी तक मुक़दमा दर्ज नहीं हुआ है।


पिछले बुधवार क़ी सुबह थाने पहुंचे विद्युत विभाग के एसडीओ ने रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करते हुये लिखित तहरीर दीं थीं, लेकिन थाना प्रभारी नें बताया कि तहरीर नहीं सिर्फ सूचना दीं गई थीं। मामला दो सरकारी विभागों का है इसलिए मुक़दमा दर्ज किये जाने क़ी जरूत हैं| तों क्या बिजली विभाग अगर अपना दफ़्तर थाने में खोल सकता हैं?, दोनों सरकारी विभाग हैं|

आपको याद दिला दे कि पिछले बुधवार को विधुत अधिकारिओ और नगर पंचायत अध्यक्ष के बीच खूब नोकझोंक हुई। थाने में जबरदस्त हंगामा हुआ। इसके बाद विद्युत विभाग ने बिजली घर में होकर चहते व्यक्ति के लिए बनाये जा रहे इस रास्ते को जाली लगाकर बंद करा दिया।

इस प्रकरण में बिजली विभाग का दावा है कि जमीन पर कब्जे की शिकायत कर राजस्व विभाग द्वारा जमीन की पैमाइश कराने की मांग एसडीएम कोल से की जाती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। न ही नगर पंचायत ने काम को रोका।

(इस तहरीर को पुलिस के रद्दी में डाला)

बुधवार सुबह अवर अभियंता श्रवण कुमार द्वारा हस्ताक्षरित तहरीर लेकरथाने पहुँचे एसडीओ विवेक सारस्वत ने थानाध्यक्ष से कार्रवाई की मांग की। और कहा कि हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्माण कार्य करना भी विद्युत अधिनियम की धाराओं में अपराध हैं|इसी दौरान हरदुआगंज नगर पंचायत के चेयरमैन राजेश यादव भी थाने पहुंच गए। उन्होंने जमीन पर नगर पंचायत का दावा किया। अपने-अपने दावे को लेकर दोनों के बीच जमकर नोकझोंक भी हुई। थानाध्यक्ष कुलवीर सिंह ने मौका मुआयना किया। इसके बाद विभाग के उपखंड अधिकारी के निर्देश पर अवर अभियंता मनोज कुमार ने कर्मचारियों संग रास्ते को जाली लगवाकर बंद करा दिया।

विद्युत विभाग के एसडीओ विवेक सारस्वत का कहना है कि लगभग आठ महीने से वह जमीन पर कब्जे की शिकायत कर रहे हैं, जिस पर राजस्व विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। नोटिस देने के बावजूद ईओ व चेयरमैन द्वारा दुकानों का निर्माण करा दिया गया, वो भी हाईटेंशन लाइन के नीचे, जो एक अपराध है।

इधर, नगर पंचायत के चेयरमैन राजेश यादव ने बताया कि रास्ते का विवाद है, जिसकी पैमाइश हो जाएगी। दुकानों की 500 वर्गगज जगह नॉन जेड ए की थी, जो सरकारी संपत्ति है। इसलिए नगर पंचायत द्वारा इस भूमि पर दुकानों का निर्माण किया जा रहा हैं|