अलीगढ मीडिया डिजिटल,अतरौली (अलीगढ़): गणतंत्र दिवस के अवसर पर समाजवादी नेता एवं गगन युवा कल्याण संगठन के संस्थापक गगन लोधी ने अपने संघर्ष, सामाजिक आंदोलनों और जनहित के कार्यों को जनता के सामने रखते हुए कहा कि जिस प्रकार 1947 में देश ने अंग्रेज़ी हुकूमत से आज़ादी हासिल की थी, उसी प्रकार आज की लड़ाई भ्रष्ट व्यवस्था और जनविरोधी सोच से मुक्ति की दूसरी आज़ादी की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी हमें यह याद दिलाता है कि संविधान ने हर नागरिक को सवाल पूछने, अन्याय के खिलाफ खड़े होने और नेतृत्व करने का अधिकार दिया है।
गगन लोधी ने कहा कि उनका जीवन लगातार संघर्षों और चुनौतियों से भरा रहा है। शिक्षा, किसानों, गरीबों और युवाओं के अधिकारों के लिए उन्होंने हर स्तर पर संघर्ष किया। शेखूपुर सहित आसपास के गाँवों में प्राथमिक विद्यालयों की कमी, जर्जर स्कूल भवन और निजी स्कूलों में हो रही मनमानी फीस व किताबों की वसूली के खिलाफ उन्होंने आवाज़ उठाई। प्रशासन को ज्ञापन दिए, धरना-प्रदर्शन किए और बच्चों के भविष्य के लिए लड़ाई लड़ी।
उन्होंने अतरौली में चल रहे देह व्यापार और अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ भी मजबूती से संघर्ष किया। यह कारोबार समाज के लिए, विशेषकर महिलाओं और युवाओं के भविष्य के लिए घातक बन चुका था। लगातार आंदोलन और दबाव के बाद ऐसे अड्डों को बंद कराया गया। इसी तरह घनी आबादी में खुले शराब ठेके, स्कूल-कॉलेज के पास चल रहे अवैध कारोबार, राशन वितरण में गड़बड़ी, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों के मुआवज़े, विद्युत संशोधन बिल और विश्वविद्यालयों की बढ़ती फीस जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने लगातार आवाज़ बुलंद की।
ग्राम स्तर पर भी उनका संघर्ष जारी रहा। ग्राम खेड़ा में एक प्रधान को अनुचित रूप से जिला बदर किए जाने के मामले में उन्होंने जनता की आवाज़ बनकर न्याय की माँग की। निधौली कला (एटा) में एक नाबालिग की हत्या के बाद पीड़ित परिवार को न्याय और आर्थिक सहायता दिलाने के लिए आगे आए। इस संघर्ष के दौरान उन्हें गिरफ्तारी, मुक़दमे और दबाव का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी पीछे हटना स्वीकार नहीं किया।
गगन लोधी ने कहा कि उनके खिलाफ झूठे मुक़दमे दर्ज कराए गए, बदनाम करने की साजिशें रची गईं और जान से मारने की धमकियाँ भी मिलीं, लेकिन उन्होंने हर समस्या का सामना किया, हर चुनौती को स्वीकार किया और संघर्ष को और मजबूत बनाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में निडर होकर सवाल करना अपराध नहीं, बल्कि संविधान द्वारा दिया गया अधिकार है।
उन्होंने अतरौली में युवाओं को जागरूक, सशक्त और निर्भीक बनाने का काम किया है। गाँव-गाँव संवाद, बैठकों और सामाजिक अभियानों के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि वे डरें नहीं, सवाल करें, अन्याय के खिलाफ खड़े हों और जरूरत पड़े तो चुनाव लड़ने से भी पीछे न हटें। आज अतरौली का युवा जाग चुका है और बदलाव चाहता है। बड़ी संख्या में युवा गगन लोधी के संघर्ष, निडरता और ईमानदारी को देखकर उनके नेतृत्व की माँग कर रहे हैं।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर गगन लोधी ने कहा कि उनका उद्देश्य संविधान की आत्मा को ज़मीन पर उतारना है—शिक्षा को हर घर तक पहुँचाना, युवाओं को निर्भीक बनाना, किसानों और गरीबों को उनका हक़ दिलाना और राजनीति व प्रशासन में पारदर्शिता स्थापित करना।
उन्होंने कहा, “यह दूसरी आज़ादी की लड़ाई है, और यह संघर्ष अंतिम साँस तक जारी रहेगा।”

