किताबें एजलेस हैं, डिजिटल कंटेंट क्षणिक, नीरज-शहरयार पार्क में पुस्तक मेले का किया उद्घाटन

Aligarh Media Desk


13 फरवरी तक पुस्तक मेले में निःशुल्क रहेगा प्रवेश

अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ: आयुक्त अलीगढ़ मंडल श्रीमती संगीता सिंह ने कृष्णांजलि नाट्यशाला के निकट नीरज-शहरयार पार्क में आयोजित पुस्तक मेले का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में लोग किताबों से दूर होते जा रहे हैं, जबकि जीवन की वास्तविक प्रेरणा, समझ और दिशा पुस्तकों से ही मिलती है। आयुक्त ने कहा कि 20-30 सेकंड का डिजिटल कंटेंट क्षणिक होता है, उसका प्रभाव सीमित और अस्थायी होता है, जबकि किताबें व्यक्ति के साथ जीवन भर चलती हैं। किताबें हर बार पढ़ने पर जीवन का नया अर्थ सिखाती हैं और सोच को परिपक्व बनाती हैं।


          उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि “हाउ टू मेक फ्रेंड्स एंड इन्फ्लुएंस पीपल” पुस्तक से उन्हें वर्षों पूर्व प्रेरणा मिली थी और आज वही पुस्तक उनके बेटे को भी समान रूप से मार्गदर्शन दे रही है, जो पुस्तकों की कालजयी प्रकृति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले में फिक्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं, बाल साहित्य सहित विविध विधाओं की समृद्ध सामग्री उपलब्ध है। अलीगढ़वासियों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में आने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन अलीगढ़ नुमाइश की स्थायी पहचान बनना चाहिए। आयुक्त ने सफल आयोजन के लिए एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव एवं मनोज सिंह चंदेल के प्रयासों की सराहना की।


          जिलाधिकारी संजीव रंजन ने कहा कि पुस्तकें समाज की बौद्धिक चेतना की आधारशिला होती हैं। डिजिटल युग में भी पुस्तकों की उपयोगिता और विश्वसनीयता कभी कम नहीं हो सकती। पुस्तक मेले जैसे आयोजन विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करना समय की आवश्यकता है और ऐसे आयोजन एक जागरूक, विचारशील और सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उपाध्यक्ष अलीगढ़ विकास प्राधिकरण कुलदीप मीणा ने कहा कि किताबें व्यक्ति के विचारों को परिपक्व करती हैं और समाज को दिशा देती हैं। तकनीक चाहे जितनी भी उन्नत हो जाए, पुस्तकें मानव सभ्यता की सबसे भरोसेमंद विरासत हैं।


          एडीएम सिटी ने बताया कि 13 फरवरी तक चलने वाले इस पुस्तक मेले में प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक पाठकों के लिए द्वार खुले रहेंगे। मेले में प्रवेश पूर्णतः निःशुल्क है। मेले में नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया सहित देश के 14 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्थान प्रतिभाग कर रहे हैं। साहित्य, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, बाल साहित्य, शोध, संस्कृति एवं आध्यात्म से जुड़ी पुस्तकों का व्यापक संग्रह यहां उपलब्ध है। यह मेला विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं आम पाठकों के लिए ज्ञान, संवाद और विचार-विमर्श का जीवंत मंच बनेगा। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को पुस्तक मेले में लाने की अपील की।


          नगर मजिस्ट्रेट डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि किताबें हमें सोचने, प्रश्न करने और सही-गलत में अंतर करना सिखाती हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक इग्नू अजयवर्धन आचार्य ने कहा कि अत्यधिक स्क्रीन टाइम से एकाग्रता में कमी आती है, जबकि पढ़ने-लिखने से कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता का विकास होता है। पुस्तकें हमेशा प्रासंगिक थीं, हैं और रहेंगी।  इस अवसर को बड़ी संख्या में जिला स्तरीय अधिकारी, शिक्षक, शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और नुमाइश में आए दर्शकगण उपस्थित करें। कार्यक्रम का संचालन मनोज राजपूत द्वारा किया गया।