निष्पक्ष पत्रकारिता करने और सत्य दिखाने पर पत्रकारों को मिलता है इनाम में मुकद्दमाः पत्रकार संगठन

Aligarh Media Desk

 


पत्रकार हितों के सभी शासनादेश मात्र कागजों तक ही सीमित,धरातल पर शून्यःधर्मेन्द्र राघव

अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़। पत्रकार संगठन अलीगढ़ मण्ड़ल के तत्वावधान में अध्यक्ष दिलीप कुमार सागर और उपाध्यक्ष शकील अहमद खा तथा संगठन मंत्री द्वारा धर्मेन्द्र राघव को जिलाध्यक्ष मनोनीतत किया गया जिसके उपलक्ष्य में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। । 

अपने स्वागत और सम्मान से अभिभूत होकर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र राघव ने कहा कि पत्रकार जान को जोखिम में डालकर सत्य को उजागर करते हैं सच्चाई दिखाते हैं ठंड हो गर्मी हो या हो बरसात दिन हो या रात 24 घंटा करते हैं। समाज सेवा जनहित की आवाज आप तक पहुंचाते हैं, अच्छाइयों और बुराइयों से रूबरू कराते हैं क्षेत्र में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हैं। निष्पक्ष पत्रकारिता करते हैं सत्य दिखाने पर पत्रकारों को इनाम मुकद्दमा के रूप में मिलता है। 

पत्रकार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप कुमार सागर ने कहा कि उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ का यह दावा कहां तक सही है कि पत्रकारों का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं होगा। पत्रकारों पर हमले को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश को प्रभावी बनाया जाए । राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शकील अहमद खां ने कहा कि पत्रकार पर हमले या उत्पीड़न पर स्थानीय प्रशासन तत्काल मुकदमा पंजीकृत कर सख्त कार्यवाही करते हुए अपराधियों को जेल भेजें। इसके संबंध में अगर कार्यवाही नहीं हुई तो अगर कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। जबकि शासनादेश की बात की जाए तो पत्रकार उत्पीड़न और अभद्रता पर 50 हजार रूपये का जुर्माना और तीन वर्ष की कैद का प्रावधान है उच्च न्यायालय के आदेश में उल्लेख है। 


संगठन मंत्री अनवर खान ने कहा कि शासनादेशों का पालन धरातल पर शून्य दिखाई दे रहा है अलीगढ़ में लगातार पत्रकारों द्वारा भ्रष्टाचार से संबंधित खबर प्रकाशित किए जाने पर राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ग्राम प्रधान भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों द्वारा पत्रकारों के ऊपर झूठे मुकदमा में फंसा दिया जाता है। पत्रकारों द्वारा एकजुट होकर उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया जाता है लेकिन जिला प्रशासन कार्यवाही के नाम पर झुनझुना थमा देता है।

संगठन के महासचिव मौ. राशिद ने कहा कि पत्रकारों पर हो रहे जानलेवा हमले अभद्रता और पत्रकार उत्पीड़न पर जिला पुलिस प्रशासन की चुप्पी बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। वरिष्ठ पत्रकार काजी नसीम ने कहा कि जब सहयोगी पत्रकारों के द्वारा हमले की खबर सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया पर भी चलाई है तो क्या उच्च अधिकारियों को पता नहीं चलता मगर फिर भी प्रशासन मौन है। पत्रकार पर हुए उत्पीड़न के संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते हैं घटनाक्रम को उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया जाता है । मगर पत्रकारों को लगातार जान से मारने वह झूठे मुकदमे में फसाने की धमकियां मिलती रहती हैं लेकिन पत्रकार अपनी कलम को नहीं रोकता है सत्य लिखता रहता है।

पत्रकार नौशादअब्बासी एवं राजेन्द ्रकुमार ने संयुक्त रूप् से जोर देते हुये कहा कि पुलिस प्रशासन मुख्यमंत्री एवं उच्च न्यायालय के भी आदेशों की धज्जियां उड़ा रहा है । पत्रकार हित को लेकर न्यायालय व मुख्यमंत्री के सारे आदेश सिर्फ फाइलों में ही सीमित है धरातल पर उनका कोई महत्व नहीं है। अगर पत्रकारों पर ऐसी घटनाएं होती रहेगी तो पत्रकार संगठन पत्रकारों पर अत्याचार किया गया तो संगठन द्वारा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगा। 

नवनियुक्त जिलाध्यक्ष का स्वागत करने वालों में कपिल कुमार,राजेंद्र कुमार,प्रेम कुमार,मोहम्मद दानिश ,दिलशाद सैफी,मुकेश कुमार,सबा खान, पप्पू यादव, धर्मेंद्र राघव,पी. डी. विक्रम,ओमप्रकाश, सचिन कुमार,रामशकर,नौशाद अवासी,मौ. राशिद,दिलीप कुमार. सागर,अनवर खान,शकील अहमद खां,काज़ी नसीमउद्दीन,कासिम अब्बासी ,श्रीपाल सिंह सहित अन्य दर्जनों पत्रकार मौजूद थे।