अलीगढ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़: जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पूरन सिंह ने समस्त विद्यालयों को कड़े निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार एनसीईआरटी पुस्तकों का अनुपालन हर स्थिति में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह शासन की प्राथमिकता है कि विद्यार्थियों को मानकीकृत एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
डॉ. पूरन सिंह ने बताया कि सीबीएसई के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों में एनसीईआरटी की निर्धारित पुस्तकों का ही उपयोग अनिवार्य है। जिन विषयों में एनसीईआरटी, एससीईआरटी की पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं, वहां बोर्ड द्वारा निर्धारित सामग्री का ही प्रयोग किया जाएगा। किसी भी प्रकार की अतिरिक्त या सहायक अध्ययन सामग्री तभी उपयोग में लाई जा सकती है, जब वह निर्धारित पाठ्यक्रम एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप हो।
उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में किसी भी विद्यालय द्वारा महंगी एवं अनावश्यक पुस्तकों को लागू कर अभिभावकों का आर्थिक शोषण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संबंध में सह जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे निरंतर औचक निरीक्षण कर ऐसे विद्यालयों को चिन्हित करें, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान यदि कोई विद्यालय निर्धारित मानकों का पालन करता नहीं पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी और प्रकरण उच्चाधिकारियों एवं संबंधित बोर्ड को प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि किसी विद्यालय द्वारा उन्हें अनावश्यक या महंगी पुस्तकें खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। डॉ. पूरन सिंह ने कहा कि यह सख्त कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, समानता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी को समान अवसर और अभिभावकों को आर्थिक राहत मिल मिलेगी।

