गजेंद्र कुमार, अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, यूपी - देश में परीक्षाओं को आयोजित कराने वाली प्रणाली इस वक्त पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ चुकी है. परीक्षाओं को आयोजित करने वाली प्रणाली या यूं कहें की नाकाम होती दिख रही है नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) के बाद रविवार को आयोजित कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कांस्टेबल जीडी परीक्षा में भी भारी प्रशासनिक लापरवाही और कुप्रबंधन का एक बेहद डरावना मामला सामने आया है. एसएससी जीडी की रिक्त स्थानों के लिए आयोजित परीक्षा केंद्रों पर सीट आवंटन की ऐसी ऐतिहासिक गलतियां की गईं कि देखते ही देखते उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में परीक्षा केंद्र रणक्षेत्र बन गए. अव्यवस्था के प्रति नाराज अभ्यर्थियों ने कहीं परीक्षा केंद्र के भीतर घुसकर कंप्यूटर और सर्वर तोड़ दिए, तो कहीं नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया. इतना ही नहीं कहीं-कहीं गुस्साए परीक्षार्थियों द्वारा तोड़फोड़ और बवाल को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को भारी पुलिस बल से मोर्चा संभालना पड़ा।
यह रही मुख्यतः कमी जिसके चलते परीक्षा नियोजन प्रणाली झेल रही परीक्षार्थियों की नाराजगी
1. प्रयागराज: 650 कंप्यूटर और बुला लिए 1035 छात्र
प्रयागराज के गंगापार सरायइनात के अंदावा में स्थित सुनीता सिंह सीता सिंह महिला महाविद्यालय के आई-टेक जोन परीक्षा केंद्र पर सोमवार को उस वक्त महा-बवाल हो गया, जब सीटों के आवंटन में एक बड़ी गलती सामने आई. दरअसल, परीक्षा की पूरी जिम्मेदारी बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी 'एडूक्विटी कैरियर टेक्नोलॉजिस प्राइवेट लिमिटेड' को दी गई थी. इस सेंटर पर कुल 650 कंप्यूटर उपलब्ध थे, लेकिन चयन प्रक्रिया का मखौल उड़ाते हुए कंपनी ने द्वितीय पाली (सेकंड शिफ्ट) में 505 के स्थान पर 1,035 अभ्यर्थियों को सेंटर अलॉट कर दिया. यही नहीं, तृतीय पाली (थर्ड शिफ्ट) में भी 495 के स्थान पर 1,034 परीक्षार्थियों का सेंटर यहीं डाल दिया गया.जब तय क्षमता से दोगुने अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र पर पहुंचे और उन्हें बैठने के लिए सिस्टम नहीं मिला, तो वहां भयंकर अफरा-तफरी मच गई. आक्रोशित अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने कमरों में रखे दर्जनों कंप्यूटर, मॉनिटर, मुख्य सर्वर और कुर्सियों को तोड़ना शुरू कर दिया. तोड़फोड़ इतनी भयानक थी कि कमरे में लगे एसी (AC), कूलर, सीसीटीवी कैमरे और वाटर कूलर तक क्षतिग्रस्त कर दिए गए|
आरोप है कि कुछ छात्र सीपीयू और टीएफटी (मॉनिटर) तक उठाकर भागने लगे, जिसमें से पुलिस ने एक छात्र को रंगे हाथों लैपटॉप लेकर भागते हुए हिरासत में लिया है.
2. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भी सेंट एंड रूस कॉलेज के एग्जाम सेंटर में पर भी सीट मिसमैच और रोल नंबर की गलत टैगिंग का भी मामला सामने आया है जिसके चलते छात्रों को परीक्षा केंद्र में अन्दर नहीं जाने दिया गया।
3. बिहार के मुजफ्फरपुर में भी कुछ ऐसी ही तस्वीरे नजर आई, जहां अचानक परीक्षा को कैंसिल कर दिया गया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है छात्रों का आरोप है कि बिना किसी सूचना के उनकी परीक्षा रद्द कर दी गई। दूर-दूर से तपती दोपहरी वह भारी गर्मी के बीच मुश्किलों का सामना करते हुए परीक्षा केदो पर पहुंचे छात्र आग बबूला हो गए जब उन्हें पता चला की आयोग ने परीक्षा कैंसिल कर दी है जिसकी कोई सूचना पहले से नहीं दी गई परीक्षार्थियों का आरोप है कि सरकार ने परीक्षाओं को मजाक बनाकर रख दिया है लगातार NEET सीबीएसई(CBSC) और अब SSC जीडी की परीक्षा भी कई राज्यों में रद्द कर दी गई है।
इस बवाल पर एसएससी द्वारा एक नोटिस जारी किया गया है,जिसमें साफ तौर से कहा गया है प्रभावित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा रद्द करने की सूचना वहां पर चस्पा कर दी गई है आयोग ने अस्वस्थ किया है कि सभी प्रभावित आवेदको को पुनः मौका दिया जाएगा और नई तारीखों के साथ निर्देश,ऑफिशल वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे । वहीं मामले को लेकर स्थानीय पुलिस द्वारा कहां गया है कि परीक्षार्थियों द्वारा किए गए तोड़फोड़ प्रदर्शन बवाल में हिस्सा है उनकी पहचान की जाएगी, इसमें संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन द्वारा इसको लेकर किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।
स्रोत - सोशल मीडिया

