अलीगढ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़, 10 जुलाई। सुप्रसिद्ध गीतकार, दोहाकार एवं साहित्यकार डॉ. अवनीश राही के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को कार्यालय, सहायक निदेशक, बेसिक शिक्षा, अलीगढ़ मंडल में एक गरिमामय साहित्यिक समर्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में सहायक निदेशक, बेसिक शिक्षा, अलीगढ़ मंडल, डॉ. लक्ष्मीकांत पाण्डेय के पदोन्नति उपरांत पुनः अलीगढ़ आगमन पर उनका आत्मीय अभिनंदन एवं सम्मान किया गया, जबकि द्वितीय सत्र में उनके कर-कमलों से डॉ. अवनीश राही की नवीन कृति "जीवन के रंग–दोहों के संग" का लोकार्पण संपन्न हुआ।
प्रथम सत्र में महाकवि अमर सिंह राही एवं गीतकार डॉ. अवनीश राही ने डॉ. लक्ष्मीकांत पाण्डेय का पुष्पमाला, पुष्पगुच्छ, शॉल एवं भगवान बुद्ध की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि डॉ. पाण्डेय का सरल, सौम्य एवं कर्मनिष्ठ व्यक्तित्व शिक्षा-जगत के लिए प्रेरणास्रोत है। पदोन्नति के उपरांत पुनः अलीगढ़ मंडल में उनका आगमन शिक्षा-जगत तथा जनपद के लिए प्रसन्नता एवं गौरव का विषय है।
द्वितीय सत्र में डॉ. लक्ष्मीकांत पाण्डेय ने "जीवन के रंग–दोहों के संग" का लोकार्पण करते हुए कहा कि साहित्य समाज का संस्कार है तथा दोहा भारतीय काव्य परंपरा की अत्यंत प्रभावशाली विधा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृति पाठकों को जीवन-मूल्यों, संवेदनाओं और सकारात्मक चिंतन से जोड़ने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने गीतकार एवं साहित्यकार डॉ. अवनीश राही को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, सतत सृजनशीलता एवं उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की मंगलकामना की। साथ ही उन्होंने डॉ. राही के अब तक के साहित्यिक अवदान की सराहना करते हुए कहा कि उनका सृजन समाज में संवेदना, संस्कार और सकारात्मक सोच को निरंतर समृद्ध कर रहा है।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में महाकवि एवं साहित्यकार अमर सिंह राही ने कहा कि साहित्य मनुष्य को संस्कारित करता है और दोहा जीवन-दर्शन की सबसे संक्षिप्त, सारगर्भित एवं प्रभावी अभिव्यक्ति है। उन्होंने डॉ. लक्ष्मीकांत पाण्डेय को पदोन्नति एवं नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि प्रशासनिक उत्तरदायित्व और मानवीय संवेदनाएँ जब साथ-साथ चलती हैं, तभी समाज और शिक्षा दोनों समृद्ध होते हैं।
डॉ. अवनीश राही ने अपने उद्बोधन में कहा कि उन्होंने अपने जन्मदिवस को व्यक्तिगत उत्सव के स्थान पर साहित्य को समर्पित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि "जीवन के रंग–दोहों के संग" जीवन, समाज, मानवीय मूल्यों, भारतीय संस्कृति एवं समकालीन जीवन-संदर्भों पर आधारित दोहों का संग्रह है, जो पाठकों को चिंतन, संवेदना एवं सकारात्मक जीवन-दृष्टि प्रदान करने का विनम्र प्रयास है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाकवि एवं साहित्यकार अमर सिंह राही ने की। कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमापूर्ण संचालन माइंड ट्रेनर रोहिताश कुमार विक्की ने किया। समारोह के सफल आयोजन में एडवोकेट देवराज व पवन कुमार की उल्लेखनीय भूमिका रही। इस अवसर पर सोनम सिंह, नेहा श्रीवास्तव, बलराम गुर्जर, सुखबीर सिंह, गिर्राज किशोर, सुरेन्द्र सिंह, विमल कुमार श्रीवास्तव, रीतेश यादव, मोनिका शर्मा सहित अनेक साहित्यप्रेमी, शिक्षाविद् एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। अंत में डॉ. अवनीश राही ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, उपस्थित साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

