आयुष्मान भारत योजना में इलाज देने के नाम पर लोगों का करोड़ों डकार गये जवां और बिजौली के सरकारी अस्पताल, लोगों को जानकारी तक नहीं!

Aligarh Media Desk

 


जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न

सभी एमओआईसी अपने-अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं में कराएं सुधार


अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़ : जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बैठक का आयोजन किया गया। डीएम ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं में धरातल पर सुधार के लिए सभी एमओआईसी को निजी एवं छोलाछाप चिकित्सालयों की जांच के लिए प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि संबंधित एसडीएम से समन्वय कर अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को निजी अल्ट्रासाउण्ड सेंटर पर दी जाने वाली सुविधा में जिले में मात्र 227 की रिपोर्ट पर नाराजगी जताते हुए योजना का लाभ अधिकाधिक पात्रों को देने के निर्देश दिए।



डीएम ने चिकित्सालयों में किए जाने वाले रेफरल रिपोर्ट को और अधिक पारदर्शी एवं संबंधित की जिम्मेदारी निर्धारण के लिए रेफरल का इनपुट एवं आउटपुट डाटा अलग-अलग प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्वार्सी चुंगी के निकट संचालित जर्राही केंद्रों के पंजीकरण की भी जांच कराने के निर्देश दिए। आशा भुगतान की समीक्षा में पाया गया कि जिले की 88 आशाओं को विगत माह 10 हजार से अधिक का भुगतान हुआ है जबकि अधिकतम 17000 तक प्राप्त किया है। डीएम ने आशाओं के प्रोत्साहन एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक विकासखण्ड के लिए 10-10 आशाओं को 12-12 हजार की धनराशि भुगतान का लक्ष्य निर्धारित कर सबसे अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कृत भी करने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत योजना में जवां व बिजौली सीएचसी द्वारा क्रमशः 1.28 करोड़ एवं 1.09 करोड़ का भुगतान प्राप्त किया गया जो कि जिला स्तरीय चिकित्सालयों से अधिक रहा। डीएम ने प्राप्त धनराशि का चिकित्सालय की बेहतरी के सदुपयोग करने के निर्देश दिए।

जिले में सरकारी इलाज पाने के लिए जवा और बिजौली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे लोगों के आयुष्मान कार्ड से करोड़ों रुपये का भुगतान कराया गया है, लेकिन इलाज पाने वाले लोगों को इसकी कोई जानकारी नहीं है| हलाकि सरकारी अस्पताल में आयुष्मान मित्र फर्जी मरीजो को दिखाकर फर्जी उपचारिका तैयार करते है ताकि अस्पताल पहुंचे मरीज के आयुष्मान कार्ड से लाखों का भुगतान निकला जा सके| मरीज को मामूली परेशानी का इलाज मिल जाता है लेकिन उसे अपने आयुष्मान कार्ड से काटी गयी धनराशि की कोई जानकारी नहीं होती है| इसलिए सरकारी अस्पताल भी आयुष्मान के नाम पर करोड़ों की हेराफेरी कर रहे है और अधिकारी भी खूब मलाई खा रहे है|

संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा में जिला मलेरिया अधिकार डा0 विनीता मिश्रा ने बताया कि 01 जुलाई से विशेष संचारी रोग एवं दस्तक अभियान संचालित किया जाएगा। टीबी नियंत्रण अभियान में निर्देशित किया गया कि निजी चिकित्सालयों में इलाज करा रहे सभी रोगियों को चिन्हित कर उन्हें शासकीय सुविधाओं एवं पोषण पोटली का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही बैठक में ओपीडी, आईपीडी, सामान्य शल्य चिकित्सा, संस्थागत प्रसव, मेटरनल डेथ, परिवार नियोजन, राष्ट्रीय कुष्ठ निवारण कार्यक्रम, एनक्वास प्रोग्राम, ई-कचच, आभा आई-डी, अंधता निवारण कार्यक्रम, ई-संजीवनी समेत विभिन्न स्वास्थ सेवाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में सीडीओ योगेन्द्र कुमार, सीएमओ डा0 आर0एन0 सिंह समेत सभी सीएमएस, एमओआईसी, अन्य चिकित्सकगण एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।