अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़। महुआखेड़ा थाना क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा दर्जनों लोगों के प्लॉट पर जबरन जेसीबी चलाकर अवैध कब्जे और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। इतना ही नहीं पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने कुल 10 मुकदमे दर्ज करते हुए दो आरोपी संजय यादव और आशू यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और इस मामले का मुख्य आरोपी अनुराग ठाकुर और उसके कुछ अन्य साथी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिले में भूमाफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और किसी भी गरीब या नागरिक की जमीन पर अवैध कब्जा हुआ तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी। खास बात ये है कि पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई जेसीबी मशीन और एक स्कॉर्पियो को भी जब्त किया है।
ऑटो चालक की हत्या की घटना का सफल अनावरण कर मु0अ0सं0 312/25 धारा 103(1)/351(3) बीएनएस में वांछित अभियुक्त गिरफ्तार
राकेश राघव पुत्र बाबू सुभाष चन्द्र निवासी शिवलोक कालोनी क्वार्सी बाईपास थाना क्वार्सी अलीगढ़ का शव कमालपुर रोड सब्जी वाली पुलिया के पास मिलने के सम्बन्ध में थाना पर मु0अ0सं0 312/25 धारा 103(1)/351(3) बीएनएस पंजीकृत किया गया था ।
थाना गाँधीपार्क पुलिस टीम द्वारा तकनीकी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मु0अ0सं0 312/25 धारा 103(1)/351(3) बीएनएन में वांछित अभियुक्त 1.कुलदीप कुमार पुत्र रामबाबू निवासी नगला डालचन्द्र थाना महुआखेड़ा अलीगढ़ को थाना क्षेत्र गाँधीपार्क से गिरफ्तार किया गया ।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि मैंने अपने भाई संजीव गुप्ता के नाम पर नया ऑटो लिया था । जिसे मृतक राकेश को किराये पर चलाने के लिए दिया था । दिनांक 16.07.2025 को राकेश मेरा ऑटो ले गया था किन्तु कई दिन तक वापस नहीं लाया । मैं बहुत परेशान हो गया था । दिनांक 19.07.2025 को मैं अपनी पत्नी व मौसेरे भाई के साथ राकेश के घर गये तो राकेश घर पर नहीं मिला । गुस्से में मेरी पत्नी व मैंने राकेश के परिजनों को धमकी दी थी । में अपने ऑटो को तलाश कर रहा था कि बौनेर की तरफ सड़क के किनारे मैंने अपना ऑटो खड़ा देखा उसमें राकेश बैठा हुआ था उसे देखते ही मुझे गुस्सा आ गया और मेरी उससे कहासुनी हो गई । जब हम दोनों ऑटो से घर वापस आ रहे थे तो राकेश ने ऑटो मेरे घर (क्वार्सी बाईपास) की तरफ न मोड़कर कमालपुर रोड की तरफ मोड़ दिया । मैंने उसे काफी समझाने का प्रयास किया और ऑटो रोकने के लिये कहा लेकिन वह नहीं माना तो मुझे गुस्सा आ गया । मैने राकेश के साथ हाथापाई करना शुरू कर दिया, राकेश ने अपने गले में गमछा डाल रखा था तो मैंने उसी गमछे से फंदा बनाकर जान से मारने की नियत से तेजी से गला दबा दिया जिससे उसकी मृत्यु हो गई । मैं मृतक व ऑटो को वहीं छोड़कर घर भाग आया था । मै पंचायतनामा में भी गवाह बना और पोस्टमार्टम कराने व अन्तिम संस्कार तक शामिल रहा ताकि राकेश के घर वाले व पुलिस को मुझ पर कोई संदेह न हो ।
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