अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़ । पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में अलीगढ़ में मैक्सवोल्ट एनर्जी इंडस्ट्रीज लिमिटेड के 700 करोड़ रूपये के अत्याधुनिक बैटरी निर्माण संयंत्र का भूमि पूजन हुआ। लगभग छह एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और औद्योगिक विकास के नए अवसर सृजित होंगे।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई) आलोक कुमार (आईएएस) ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता उद्योगों के जरिए युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि कार्बन उत्सर्जन व प्रदूषण से मुक्ति के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर जोर है, जिसमें बैटरी और सौर ऊर्जा की अहम भूमिका है। अलीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित हो रहा यह संयंत्र वाहनों के लिए बैटरी तैयार करेगा। इससे लगभग 1,500 से 2,000 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा, जबकि व्यापक आपूर्ति श्रृंखला में हजारों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने युवा उद्यमियों द्वारा आईपीओ और स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से पूंजी जुटाकर जॉब सीकर के बजाय जॉब क्रिएटर बनने की पहल की भी सराहना की।
कार्यक्रम में यूपीआईकॉन के निदेशक प्रवीण सिंह ने कहा कि यह परियोजना पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में विविधता लाने का काम करेगी। मैक्सवोल्ट एनर्जी के सह-संस्थापक एवं सीईओ सतेन्द्र शुक्ला ने कहा कि ई-रिक्शा, सौर ऊर्जा, अस्पताल और घरेलू उपभोक्ताओं में लिथियम बैटरी की मांग बढ़ रही है, जिसके तहत अलीगढ़ संयंत्र बहु-उपयोगी समाधान देगा। वहीं सीएफओ भुवनेश्वर पाल सिंह, सीटीओ विशाल गुप्ता, सीओओ सचिन गुप्ता और सीएमओ मुकेश गुप्ता ने बताया कि दो चरणों में 10 जीडब्ल्यूएच क्षमता के इस संयंत्र में दोपहिया, तिपहिया से लेकर चार पहिया वाहनों तक 1 किलोवाट से 5 मेगावाट तक के सुरक्षित बैटरी समाधान तैयार किए जाएंगे। साथ ही, कंपनी की पुनर्चक्रण इकाई ‘रीअर्थ’ के जरिए पर्यावरण को सुरक्षित रखने का लक्ष्य भी रखा गया है।

