खाद-बीज गोदाम बंद होने से किसान परेशान, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
अतरौली (अलीगढ़): अतरौली क्षेत्र में किसानों की समस्याओं को लेकर 'दि सिविल बार एसोसिएशन अतरौली अलीगढ़' के अध्यक्ष चंद्रशेखर राजपूत एडवोकेट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी अलीगढ़ के माध्यम से भेजा है। ज्ञापन में अतरौली स्थित पीसीएफ केंद्र (PCF Centre) और सरकारी खाद-बीज गोदाम को तुरंत शुरू कराने और इस लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
हजारों किसानों के सामने संकट
ज्ञापन के अनुसार, अतरौली स्थित सरकारी खाद-बीज गोदाम मार्च 2026 से (पिछले करीब 5-6 महीनों से) लगातार बंद पड़ा हुआ है। इस केंद्र के चालू रहने से क्षेत्र के लगभग 10 से 12 हजार किसानों को समय पर खाद, बीज और कृषि से जुड़ी जरूरी सुविधाएं मिल जाती थीं। गोदाम बंद होने के कारण किसानों को अब ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) से महंगे दामों पर खाद-बीज खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ और मानसिक परेशानी बढ़ गई है।
सरकारी दावों पर उठे सवाल
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि कृषि कार्य पूरी तरह समय पर निर्भर करता है। समय पर खाद-बीज न मिलने से फसल की पैदावार प्रभावित होती है, जिससे किसानों के पूरे परिवार का गुजर-बसर संकट में पड़ जाता है। ऐसे में महीनों तक सरकारी केंद्र का बंद रहना सरकार की कृषि योजनाओं की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ज्ञापन में की गई मुख्य मांगें:
1. अतरौली पीसीएफ (PCF) केंद्र को तुरंत खुलवाकर पूरी तरह से संचालित किया जाए।
2. किसानों की जरूरत के हिसाब से उत्तम गुणवत्ता वाले खाद और प्रमाणित बीजों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित हो।
3. केंद्र पिछले 5-6 महीनों से किन परिस्थितियों में बंद रहा, इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
4. लापरवाही बरतने वाले दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्रवाई की जाए।
5. केंद्र बंद रहने के दौरान किसानों को हुई असुविधा और नुकसान का प्रशासन संज्ञान ले, तथा किसानों का फसल ऋण माफ किया जाए या उचित बीमा मुआवजा दिया जाए।
