मृतक के नाम जमीन के बैनामे से मेरा कोई संबंध नहीं, राजनीतिक साजिश के तहत बदनाम करने का प्रयास: धर्मेंद्र चौहान

प्रवीन कुमार, ब्यूरो चीफ अलीगढ़

 


गाटा संख्या 1490 ख की 0.0580 हेक्टेयर जमीन के बैनामे का दस्तावेज आया सामने, टीका से सचिन गौड़ के नाम हुआ था विक्रय पत्र

अलीगढ मीडिया डिजिटल, हरदुआगंज। मृतक के नाम जमीन के बैनामे के मामले में उखलाना के प्रधानपति धर्मेंद्र चौहान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उनका कहना है कि जिस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, उससे उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने अपनी बाउंड्रीवाल वाली जमीन को अलग बताते हुए उससे संबंधित दस्तावेजों का हवाला दिया है।


धर्मेंद्र चौहान के मुताबिक, जिस जमीन पर उन्होंने बाउंड्रीवाल कराई है, उसे उन्होंने राम स्नेही नगर निवासी विनिता अग्रवाल से खरीदा है। उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज गाटा संख्या 1490 ख में से उनके भाइयों पृथ्वीराज चौहान और गौरव चौहान ने जमीन क्रय की है, जिसका दाखिल-खारिज भी हो चुका है।


बैनामे के दस्तावेज में क्या है उल्लेख

सामने आए दस्तावेज के अनुसार, ग्राम उखलाना, परगना मुरथल, तहसील कोल, जिला अलीगढ़ स्थित भूमि के संबंध में टीका पुत्र रूपा को प्रथम पक्ष यानी विक्रेता और सचिन गौड़ पुत्र खुशराज शर्मा को द्वितीय पक्ष यानी क्रेता बताया गया है। दस्तावेज में आराजी मुस्तरी खाता संख्या 00257 के अंतर्गत गाटा संख्या 1490 ख, रकबा 0.0580 हेक्टेयर भूमि का उल्लेख है।


दस्तावेज में विक्रेता द्वारा उक्त भूमि का विक्रय किए जाने तथा भूमि पर अपने मालिकाना अधिकार, कब्जे और हस्तांतरण संबंधी अधिकार होने की बात लिखी गई है। इसमें यह भी उल्लेख है कि भूमि पर किसी प्रकार के भार, बंधक, मुकदमे या अन्य स्वामित्व संबंधी दोष नहीं हैं। हालांकि, दस्तावेज के इस पृष्ठ के आधार पर बैनामे की पूरी कानूनी स्थिति या वर्तमान स्वामित्व की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।


जमीन के दस्तावेजों के आधार पर अपना पक्ष रखने का दावा

प्रधानपति धर्मेंद्र चौहान का आरोप है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ और राजनीतिक द्वेष के चलते उनका नाम इस मामले से जोड़कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि बाउंड्रीवाल वाली जमीन की खरीद और मृतक के नाम हुए कथित बैनामे के मामले को एक साथ जोड़कर देखा जाना उचित नहीं है।

धर्मेंद्र चौहान ने कहा कि उनके पास जमीन की खरीद से संबंधित दस्तावेज हैं और उनके भाइयों द्वारा खरीदी गई जमीन का दाखिल-खारिज भी हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना तथ्यों को समझे उनका नाम उछाला जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने पक्ष में उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर अपनी बात रख रहे हैं|