राजकीय इंटर कॉलेज अतरौली में हादसे से मचा हड़कंप, संविदा शिक्षक पर बच्चों को चुप रहने की धमकी देने का आरोप
करीब एक हजार विद्यार्थियों पर केवल दो शिक्षकों के पढ़ाने का दावा, विद्यालय की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
अलीगढ मीडिया डिजिटल, अतरौली, अलीगढ़। शिक्षा मंत्री के क्षेत्र में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में छत का प्लास्टर गिरने से चार विद्यार्थी घायल हो गए। सब्जी मंडी स्थित विद्यालय में हुए इस हादसे के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घायल विद्यार्थियों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद विद्यालय भवन की सुरक्षा, शिक्षकों की उपलब्धता और शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय की छत का प्लास्टर अचानक टूटकर विद्यार्थियों पर गिर गया। इसकी चपेट में आने से चार बच्चे घायल हो गए। हादसे के बाद विद्यार्थियों और विद्यालय में मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। घटना ने सरकारी विद्यालयों में भवनों के रखरखाव और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
संविदा शिक्षक पर धमकाने का आरोप
घटना के बाद एक संविदा शिक्षक पर विद्यार्थियों को हादसे के बारे में किसी को कुछ न बताने और चुप रहने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। यदि यह आरोप सही पाया जाता है तो मामला और गंभीर हो सकता है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित शिक्षक का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
एक हजार विद्यार्थियों पर दो शिक्षकों के पढ़ाने का दावा
विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि विद्यालय में करीब एक हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं, जबकि घटना के समय केवल दो शिक्षक पढ़ा रहे थे। जानकारी के मुताबिक, विद्यालय में कुल पांच शिक्षक तैनात हैं, जिनमें से तीन के छुट्टी पर होने की बात कही गई है।
यदि विद्यार्थियों और शिक्षकों की संख्या संबंधी यह जानकारी सही है, तो इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की पढ़ाई और कक्षाओं का संचालन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शिक्षा विभाग को शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों की जांच करनी चाहिए।
भवन की सुरक्षा पर उठे सवाल
छत का प्लास्टर गिरने की घटना ने विद्यालय भवन की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि क्या भवन का नियमित निरीक्षण किया जा रहा था और यदि छत की हालत खराब थी तो समय रहते मरम्मत क्यों नहीं कराई गई? विद्यालय में अन्य स्थानों पर भी प्लास्टर या छत के क्षतिग्रस्त होने की आशंका को देखते हुए तकनीकी जांच जरूरी है।
शिक्षा विभाग से जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद विद्यालय भवन की तकनीकी जांच कराने, क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करने और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। साथ ही, घायल बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी उनके अभिभावकों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। बच्चों को धमकाने के आरोप की निष्पक्ष जांच और विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता की समीक्षा भी जरूरी है।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारी मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

