केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के संबोधन वाले राष्ट्रीय नीति सम्मेलन में शामिल हुए अलीगढ़ के शिखर कौशिक

madan pal singh

  अलीगढ मीडिया डिजिटल, अतरौली, अलीगढ़। अलीगढ़ के युवा एवं विधि छात्र शिखर कौशिक, पुत्र सचिन कौशिक, ने नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित राष्ट्रीय सार्वजनिक नीति सम्मेलन ‘द डिल्ली डायलॉग: पॉलिसीज फॉर ए फ्यूचर-रेडी इंडिया’ में सहभागिता की। सम्मेलन का आयोजन इंडियन स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी (ISPP) और चिंतन रिसर्च फाउंडेशन (CRF) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुख्य वक्तव्य दिया।


अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दर्ज करा चुके हैं सहभागिता

शिखर कौशिक ने हार्वर्ड कॉलेज प्रोजेक्ट फॉर एशियन एंड इंटरनेशनल रिलेशंस (HPAIR) एशिया कॉन्फ्रेंस 2026 तथा द्वितीय रूसी-भारतीय युवा मंच के लिए चयनित प्रतिनिधि के रूप में भी सहभागिता की है। इसके अतिरिक्त उन्होंने भारत में पोलैंड, निकारागुआ और सेशेल्स के राजनयिक मिशनों से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीति से जुड़े विषयों को समझने का अवसर प्राप्त किया ।

सम्मेलन में अर्थव्यवस्था एवं व्यापार, छोटे शहरों के विकास, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा संक्रमण तथा स्वास्थ्य सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। सम्मेलन का उद्देश्य शोध आधारित नीतियों और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा राष्ट्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद को बढ़ावा देना था।


युवा नेतृत्व और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में सक्रिय हैं शिखर

शिखर कौशिक को भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से जुड़े कार्यक्रम के अंतर्गत ‘नेशनल यूथ आइकन’ के रूप में राष्ट्रीय पहचान मिली है। वे वर्तमान में विधि की पढ़ाई कर रहे हैं और सार्वजनिक नीति, शासन व्यवस्था, कूटनीति तथा युवा नेतृत्व के क्षेत्र में सक्रिय हैं।

शिखर इससे पहले प्रयागराज स्थित सैम हिगिनबॉटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज (SHUATS) में युवा वक्ता के रूप में 500 से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और NSS स्वयंसेवकों को संबोधित कर चुके हैं। उन्होंने विकसित भारत 2047, नशा मुक्त भारत, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर अपने विचार रखे हैं। खेल एवं युवा संवाद से जुड़े कार्यक्रम में मॉडरेटर की भूमिका निभाने के लिए उन्हें मंगलायतन विश्वविद्यालय की ओर से प्रशंसा-पत्र भी प्राप्त हुआ।

वे नीति अनुसंधान एवं शासन के क्षेत्र में इंटर्नशिप भी कर रहे हैं। उनकी शैक्षणिक और सार्वजनिक गतिविधियों में कानून, नीति विश्लेषण, युवा सहभागिता तथा सामाजिक विकास से जुड़े विषय प्रमुख हैं।

राष्ट्रीय सार्वजनिक नीति सम्मेलन में शिखर की सहभागिता युवाओं की शासन और नीति निर्माण से जुड़ी चर्चाओं में भागीदारी को रेखांकित करती है। उनका प्रयास कानून, सार्वजनिक नीति और युवा नेतृत्व के माध्यम से देश के विकास से जुड़े विषयों को समझना और समाज में सकारात्मक योगदान देना है।