अलीगढ मीडिया डिजिटल, लखनऊ। राजधानी लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पांच दिन बाद भी मुख्य वांछित आरोपी श्रद्धा दुबे पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। हजरतगंज थाने में दर्ज हत्या के मुकदमे में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। तीनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने छह टीमें गठित की हैं।
शिवा शर्मा की मौत हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। इसके बाद शिवा की मां ने श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने इन आरोपों के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की परिस्थितियों, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के संपर्कों की जांच की जा रही है।
नेपाल तक पहुंची तलाश
जांच के दौरान श्रद्धा के नेपाल की ओर जाने की आशंका भी सामने आई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में उसकी लोकेशन नेपाल सीमा के आसपास ट्रेस होने का दावा किया गया है। पुलिस की टीमें नेपाल सीमा तक भी तलाश कर रही हैं। हालांकि, श्रद्धा को किसने और किस माध्यम से नेपाल पहुंचाया, इस संबंध में अभी पुलिस की ओर से कोई अंतिम पुष्टि सामने नहीं आई है।
संदिग्ध ऑडी ने बढ़ाया रहस्य
मामले में एक ऑडी कार का जिक्र भी सामने आया है, जिसे घटना के बाद अपार्टमेंट से निकलते हुए सीसीटीवी में देखे जाने की बात कही जा रही है। कुछ रिपोर्टों में इस कार को सचिवालय पास से जोड़कर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है कि कार किसकी थी और उसमें कौन सवार था।
छह पुलिस टीमें कर रहीं तलाश
पुलिस ने फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छह टीमें बनाई हैं और अलग-अलग संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि घटना के बाद आरोपी कहां गए और उन्हें फरार होने में किसी व्यक्ति ने मदद की या नहीं।
फिलहाल शिवा शर्मा की मौत की पूरी परिस्थितियां जांच के दायरे में हैं। श्रद्धा दुबे के कथित प्रभावशाली संपर्कों, संदिग्ध ऑडी और नेपाल जाने की आशंका को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों के जवाब पुलिस जांच पूरी होने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

