फार्मर आईडी है तो बिना पंजीकरण भी बेच सकेंगे फसल, किसानों को मिलेगी राहत

प्रवीन कुमार, ब्यूरो चीफ अलीगढ़

 


सीडीओ योगेंद्र कुमार ने किसान दिवस पर दिए निर्देश, प्रत्येक सहकारी समिति पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और मंडियों में टिन शेड का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर जोर

अलीगढ मीडिया डिजिटल, अलीगढ । किसानों को अपनी उपज बेचने में सहूलियत देने और रबी की बुवाई के दौरान खाद एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने जरूरी निर्देश दिए हैं। मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने कहा कि जिन किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, वे बिना अलग से पंजीकरण कराए भी अपनी फसल की बिक्री कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने और उर्वरक वितरण व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।


विकास भवन में आयोजित किसान दिवस की बैठक में सीडीओ ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को फसल उत्पाद बेचने के लिए पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। फार्मर आईडी बनवा चुके किसान बिना अलग पंजीकरण के भी अपनी उपज बेचकर संबंधित योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।


बैठक में जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुनील भारती ने बताया कि धान के साथ बाजरा और मक्का की खरीद के लिए भी क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र कुमार चौधरी ने गेहूं के बीज की उपलब्धता की जानकारी देते हुए किसानों को प्रमाणित बीज का प्रयोग करने की सलाह दी। वहीं, जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन और डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी पर आलू के बीज का वितरण किया जा रहा है।


मंडियों में टिन शेड का लाभ किसानों को दिलाएं

सीडीओ ने मंडी सचिवों को निर्देश दिए कि मंडियों में उपलब्ध टिन शेड का लाभ किसानों को मिले, जिससे वे अपनी उपज को सुरक्षित रख सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आलू की बुवाई चल रही है और गेहूं की बुवाई भी शुरू होने वाली है। ऐसे में किसानों को खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़े।


प्रत्येक सहकारी समिति पर पर्याप्त खाद रखने के निर्देश

किसानों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सीडीओ ने सहायक निबंधक सहकारिता नागेंद्र पाल सिंह को कार्यशैली और व्यवहार में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सहकारी समिति पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध रहना चाहिए। जिन समितियों पर खाद समाप्त हो गई है, वहां समय से आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को खाद के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े।


सीडीओ ने कहा कि जिले में खाद की कमी नहीं है, बल्कि उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का बेहतर प्रबंधन जरूरी है। अधिकारियों को किसानों की वास्तविक जरूरत के अनुसार खाद की आपूर्ति करने और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए।


किसान दिवस में चौधरी नवाब सिंह, डॉ. शैलेन्द्र पाल सिंह, राजपाल सिंह, संतोष कुमार, देवराज सिंह, बबलू शर्मा, सत्येंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, राजपाल शर्मा, कुलदीप सिंह, कैप्टन हरपाल सिंह, अजयपाल सिंह, राकेश कुमार, मुकेश सहित अन्य किसान और अधिकारी उपस्थित रहे।