जेएन मेडिकल कॉलेज, कें चिकित्सकों जटिल यकृत शल्यक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया

Aligarh Media Desk

 


अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़| अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के शल्य चिकित्सा विभाग के चिकित्सकों ने जठरांत्र शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जटिल यकृत शल्यक्रियाएं सफलतापूर्वक अंजाम दी। यह उच्च स्तरीय कैंसर उपचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

चिकित्सकों की टीम ने यकृत ट्यूमर से पीड़ित दो मरीजों पर प्रमुख शल्यक्रियाएं कीं। एक मामले में दाहिने भाग में बड़े ट्यूमर वाले मध्यम आयु के मरीज का दाहिना यकृत भाग हटाया गया, जबकि दूसरे मरीज के बाएं भाग में ट्यूमर होने पर बायां यकृत भाग हटाने की शल्यक्रिया की गई।

लगभग चार-चार घंटे चली इन शल्यक्रियाओं को सर्जरी विभाग के प्रो. अफजल अनीस और डॉ. मेराज अहमद के नेतृत्व में सफलतापूर्वक अंजाम दिया किया गया, जिसमें एनेस्थीसियोलोजी विभाग से डॉ. एस. कामरान हबीब और उनकी टीम ने सहयोग प्रदान किया। दोनों मरीज शल्यक्रिया के बाद स्थिर रहे और बिना किसी जटिलता के उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।


प्रो. अफजल अनीस ने सफल परिणामों का श्रेय शल्य चिकित्सकों, बेहोशी विशेषज्ञों, नर्सिंग तथा पैरामेडिकल कर्मियों के समन्वित प्रयासों को दिया। उन्होंने बताया कि कुशल टीम और आधुनिक शल्यकक्ष सुविधाओं की उपलब्धता के कारण अब जटिल कैंसर शल्यक्रियाएं नियमित रूप से संभव हो रही हैं।

डॉ. मेराज अहमद ने बताया कि यकृत शल्यक्रिया पेट की सबसे जटिल प्रक्रियाओं में से एक मानी जाती है। इस प्रकार की सफलताएं विभाग की बढ़ती क्षमता को दर्शाती हैं और स्थानीय स्तर पर न्यूनतम खर्च पर उन्नत उपचार उपलब्ध कराकर मरीजों को अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों पर जाने की आवश्यकता को कम करती हैं।