अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के औषधि विज्ञान फार्माकालोजी विभाग ने चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में आयोजित भारत औषधि सतर्कता सोसायटी के 23वें वार्षिक सम्मेलन सोपिकॉन 2026 में उल्लेखनीय शैक्षणिक उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रायोगिक औषधि विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में औषधि सतर्कता, पदार्थ सतर्कता, हर्बल सतर्कता, रक्त सतर्कता, जैव सतर्कता, पारिस्थितिकी औषधि सतर्कता, सौंदर्य प्रसाधन सतर्कता तथा पशु चिकित्सा औषधि सतर्कता जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष चर्चा की गई।
एएमयू का प्रतिनिधिमंडल औषधि विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. सैयद जियाउर रहमान के नेतृत्व में इस सम्मेलन में सम्मिलित हुआ। विभाग की उपलब्धियों में डॉ. पुनीत पालिवाल को उनके पोस्टर के लिए प्रतिष्ठित उप्साला पुरस्कार से सम्मानित किया जाना शामिल है। उनके शोध में औषधि सतर्कता में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के समावेशन पर प्रकाश डाला गया, जिसमें क्षयरोगरोधी उपचार के दौरान प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाओं की निगरानी के लिए पाइथन आधारित विश्लेषण का उपयोग किया गया।
डॉ. स्वाति जी ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सोपिकॉन प्रश्नोत्तरी में सांत्वना पुरस्कार प्राप्त कर विभाग का नाम रोशन किया।
प्रो. रहमान ने आयुष दृष्टिकोण से हर्बल सतर्कता विषय पर आमंत्रित व्याख्यान दिया। इसके साथ ही उन्होंने भारत औषधि सतर्कता सोसायटी के सचिव के रूप में केसी सिंघल और जॉन ऑटियन व्याख्यानों की अध्यक्षता भी की।
विभाग के ग्यारह स्नातकोत्तर छात्रों ने प्रतिकूल औषधि प्रतिक्रियाएं, औषधि पुनः उपयोग, व्यवहारिक औषधि विज्ञान, हृदय संबंधी सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समावेशन तथा उभरते जैव संकेतकों जैसे समकालीन विषयों पर पोस्टर प्रस्तुत किए। इसके अतिरिक्त, पांच शोधार्थियों ने मौखिक प्रस्तुतियां भी दीं।
