अलीगढ़ मीडिया डिजिटल, अलीगढ़| अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कल्चरल एजुकेशन सेंटर के अंतर्गत यूनिवर्सिटी ईको क्लब द्वारा आयोजित पर्यावरण जागरूकता एवं सतत विकास पर आधारित उत्सव “इको फिएस्टा 2के26” का भव्य रूप से शुभारंभ हुआ।
मुख्य अतिथि अलीगढ़ मंडल की आयुक्त संगीता सिंह (आईएएस) ने इस अवसर पर उपस्थित रहीं, जिन्होंने वाकिंग विद विंग्स एण्ड केमरा पुस्तक का विमोचन किया। अपने संबोधन में उन्होंने पर्यावरणीय फोटोग्राफी और ईको-वॉक्स को जागरूकता बढ़ाने के प्रभावी माध्यम बताते हुए दृश्य अभिव्यक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला।
कुलपति प्रो. नइमा खातून ने सतत जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे छात्रों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना विकसित करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को शिक्षण और परिसर जीवन दोनों में सतत विकास के सिद्धांतों को समाहित करना चाहिए।
सहकुलपति प्रो. मोहसिन खान ने पर्यावरण संरक्षण में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देते हुए छात्रों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। सीईसी के समन्वयक प्रो. एम. रिजवान खान ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को जागरूकता से आगे बढ़कर व्यावहारिक कार्यों से जोड़ते हैं।
कार्यक्रम का आयोजन यूनिवर्सिटी ईको क्लब के अध्यक्ष प्रो. उरूस इलयास और सचिव अब्दुर रहमान के नेतृत्व में किया गया। औपचारिक सत्र के बाद प्रतिभागियों ने ईको-थीम आधारित स्टॉलों का अवलोकन किया और सीईसी परिसर में वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया।
द्वितीय सत्र में “फास्ट फैशन और इसके पर्यावरण पर दुष्प्रभाव” विषय पर एक पैनल चर्चा आयोजित हुई, जिसमें प्रो. विभा शर्मा, डॉ. फायजा अब्बासी, डॉ. शीबा कमाल और डॉ. अंदलीब ने विचार व्यक्त किए। चर्चा का संचालन असजद अहमद ने किया, जबकि उपभोक्ता प्रतिनिधि के रूप में अनस बिन एहसान और शकीब अरसलान ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही, जो पर्यावरण जागरूकता और सतत विकास के प्रति विश्वविद्यालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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