मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बुधवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल को प्रकाशित मतदाता सूची का मिलान पिछले वर्ष 7 जनवरी को प्रकाशित सूची से किया जाएगा। इस दौरान ऐसे मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा, जिनके नाम पहले की सूची में दर्ज थे, लेकिन नई सूची में दिखाई नहीं दे रहे हैं।
नाम गायब मिलने के बाद संबंधित बीएलओ मतदाता के सूची में दर्ज पते पर पहुंचकर उसकी वर्तमान स्थिति की जानकारी जुटाएंगे। जरूरत पड़ने पर मतदाता से संपर्क कर यह पता लगाया जाएगा कि वह उसी स्थान पर रह रहा है या कहीं अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुका है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार उन राज्यों में भी विशेष अभियान चलाया जाना है, जहां SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अभियान के दौरान मतदाता सूची में छूटे लोगों के साथ-साथ पहली बार मतदान के योग्य हुए नए मतदाताओं को भी जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
निर्वाचन विभाग की इस कवायद से उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका नाम किसी कारणवश मतदाता सूची से हट गया है। साथ ही नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने से आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची को अधिक व्यापक और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में अभियान की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक जानकारी भी साझा की गई।

